फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Deemed-to-be and Private University-Affiliated College Degrees Invalid; UGC Gets Tough After Bengaluru Case

UGC: डीम्ड-टू-बी, निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की डिग्री मान्य नहीं; बंगलूरू केस के बाद यूजीसी सख्त

Sat, 11 Oct 2025 09:01 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 11 Oct 2025 09:01 AM IST
सार

Deemed-to-be University: बंगलूरू मामले के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों को चेतावनी जारी की है। आयोग ने कहा है कि डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की डिग्रियां मान्य नहीं हैं। यूजीसी ने छात्रों से अपील की है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता अवश्य जांचें।

विज्ञापन
Deemed-to-be and Private University-Affiliated College Degrees Invalid; UGC Gets Tough After Bengaluru Case
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, UGC - फोटो : X(@ugc_india)

विस्तार

Private University: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने दो टूक कहा कि डीम्ड-टू-बी और निजी विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की डिग्री मान्य नहीं होगी। क्योंकि, यूजीसी ने निजी विश्वविद्यालय और डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालयों को अन्य कॉलेजों या संस्थानों को इस प्रकार से संबद्ध करने की अनुमति नहीं दी है।

विज्ञापन


यूजीसी ने छात्रों को चेताया है कि बंगलूरू स्थित एमवर्सिटी नामक संस्थान अपने संबद्ध केंद्रों के साथ मिलकर निजी और डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालयों के साथ फ्रेंचाइजिंग, सहयोग या समझौतों के माध्यम से डिग्री कार्यक्रमों को संचालित कर रहा है। जबकि उसे यह अनुमति प्रदान नहीं गई थी। इसलिए इस यहां से डिग्री लेने वाले सभी छात्रों की डिग्रियां मान्य नहीं होंगी।

विज्ञापन

अनधिकृत केंद्रों या संबद्ध संस्थानों से दी गई डिग्रियां होंगी अवैध

यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि यूजीसी अधिनियम, 1956 के प्रावधानों के अनुसार, केंद्रीय अधिनियम, राज्य अधिनियम या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालय ही डिग्री प्रदान कर सकते हैं। 

इसके अलावा, यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालयों का दर्जा प्राप्त है, वे भी डिग्री प्रदान कर सकते हैं। लेकिन निजी विश्वविद्यालयों और डीम्ड-टू-बी विश्वविद्यालयों को अन्य कॉलेजों या संस्थानों को इस प्रकार से संबद्ध करने की अनुमति नहीं है कि वे डिग्री, डिप्लोमा या अन्य शैक्षणिक योग्यता प्रदान करने वाले पाठ्यक्रम चला सकें।

इसलिए ऐसे किसी भी अनधिकृत केंद्रों या संबद्ध संस्थानों के माध्यम से प्रदान की गई डिग्रियां या योग्ताएं अवैध मानी जाएंगी। यह डिग्री और डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए मान्य नहीं होंगे।

निजी विवि यूजीसी की अनुमति के बिना ऑफ कैंपस नहीं खोल सकते

निजी विश्वविद्यालय यूजीसी की अनुमति के बिना ऑफ कैंपस, अध्ययन केंद्र या विस्तार केंद्र नहीं खोल सकते हैं। दरअसल, यूजीसी (निजी विश्वविद्यालयों में मानकों की स्थापना और मानकों के अनुरक्षण) विनियम, 2003 के तहत भारत में निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी की पूर्व अनुमति के बिना ऑफ कैंपस केंद्र, अध्ययन केंद्र, या विस्तार केंद्र यहां तक कि उसी राज्य के भीतर भी कैंपस स्थापित करने की अनुमति नहीं है। निजी विश्वविद्यालय सिर्फ अपने मुख्य परिसर या मैन कैंपस से ही डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed