{"_id":"6240fb6f2101467c6a38b766","slug":"cuet-2022-now-admission-in-all-colleges-through-joint-entrance-examination-ugc-president-said-admission-should-not-be-done-on-the-basis-of-12th-marks","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदलाव: सभी कॉलेजों में अब संयुक्त प्रवेश परीक्षा से मिले दाखिला, यूजीसी अध्यक्ष ने कहा- सिर्फ 12वीं के अंकों के आधार पर न हो प्रवेश","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
बदलाव: सभी कॉलेजों में अब संयुक्त प्रवेश परीक्षा से मिले दाखिला, यूजीसी अध्यक्ष ने कहा- सिर्फ 12वीं के अंकों के आधार पर न हो प्रवेश
Mon, 28 Mar 2022 05:33 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 28 Mar 2022 05:33 AM IST
सार
यूनिवर्सिटी को लिखे पत्र में यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा है कि 12वीं के प्राप्तांक नहीं, बल्कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही केंद्रीय विश्वविद्यालय दाखिला देंगे। हालांकि, विश्वविद्यालय न्यूनतम पात्रता मानदंड तय कर सकते हैं।
विज्ञापन
सीयूईटी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज से संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) 2022 के आधार पर ही स्नातक में दाखिला देने को कहा है। आयोग ने कुलपतियों, निदेशकों और प्राचार्यों को रविवार को पत्र भी लिखे हैं। यूजीसी ने पहले सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी को अनिवार्य किया था, अब उसने सभी विश्वविद्यालयों को इससे जोड़ने की बात कही है।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी को लिखे पत्र में यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा है कि 12वीं के प्राप्तांक नहीं, बल्कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही केंद्रीय विश्वविद्यालय दाखिला देंगे। हालांकि, विश्वविद्यालय न्यूनतम पात्रता मानदंड तय कर सकते हैं। छात्रों को सिंगल विंडो से स्नातक में दाखिले का मौका मिलना चाहिए। कुमार ने कहा कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं होना चाहिए। छात्र हित के लिए डीम्ड, स्टेट और निजी विश्वविद्यालयों को भी इसमें शामिल होना चाहिए। इसलिए सभी कुलपतियों और निदेशकों को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
अलग-अलग प्रवेश परीक्षा से मिलेगा छुटकारा
सीयूईटी के जरिये यदि वे दाखिला देते हैं तो छात्रों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए अलग-अलग आवेदनपत्र और प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। दूर-दराज के इलाकों के छात्रों को भी बेहतर मौके उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
अभी 12वीं के अंक और परीक्षा है आधार
फिलहाल देशभर में अलग-अलग विश्वविद्यालय 12वीं कक्षा के अंक और अपनी दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्रों को दाखिला करते थेे। सभी विश्वविद्यालय सीयूईटी 2022 में शामिल होते हैं तो छात्र और अभिभावकों के समय और पैसे दोनों बचेंगे।
कमेंट
कमेंट X