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CTET 2020: कैसे करें सीटेट की तैयारी, कौन सा भाग है सबसे महत्वपूर्ण
Thu, 30 Jul 2020 06:07 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Thu, 30 Jul 2020 06:07 PM IST
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ctet
- फोटो : file photo
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देश में कॉर्पोरेट नौकरियों के बढ़ने के बाद भी सरकारी नौकरी आम लोगों की पहली पसंद है। इसके पीछे प्रमुख कारण सरकारी नौकरियों की सुरक्षा है। हालांकि समय के साथ सरकारी नौकरी में प्रतियोगिता भी बढ़ती जा रही है, जिससे आज नौकरी प्राप्त करना काफी मुश्किल हो चुका है। फिर चाहे वो सरकारी शिक्षक की नौकरी ही क्यों न हो। वर्तमान समय में शिक्षक की नौकरी के लिए सीटेट (CTET) की परीक्षा पास करना अत्यंत आवश्यक है। यह हर साल आयोजित की जाती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्र विभिन्न सरकारी स्कूलों जैसे नवोदय विद्यालय समिति, केंद्रीय विद्यालय व अन्य स्कूलों में पढ़ाने के लिए योग्य हो जाता है। इस परीक्षा का परिणाम रिजल्ट घोषित होने से अगले 7 वर्षों तक वैध रहता है।
इसमें दो परीक्षा होती है, पेपर 1 व पेपर 2। प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई करने के लिए पहला पेपर व कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए दूसरा पेपर होता है। इन दोनों पेपर में 150 प्रश्न होते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप एक पेपर देते हैं या दोनों पेपर। लेकिन दोनों पेपरों में अनिवार्य 30 प्रश्न बाल विकास व शिक्षा शास्त्र से पूछे जाते हैं। यानि कि 20% प्रश्न इसी भाग से आते हैं। इसलिए आपको सीटेट की तैयारी हेतु इस भाग पर जरूर ध्यान देना चाहिए। यह भाग बाल शिक्षा आधारित होता है। जैसे कि बच्चों पर कैसे ध्यान दें, बच्चे कैसे सोचते हैं, उनकी तैयारी कैसे कराएं आदि। इसमें अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा मुश्किल बच्चों के मनोविज्ञान से जुड़े प्रश्नों को समझने में होती है। आज हम आपको बताएंगे इस भाग को तैयार करने के आसान टिप्स-
इस सेक्शन में तीन सबसेक्शन हैं। 30 प्रश्नों में 15 प्रश्न बाल विकास से, 5 प्रश्न स्पेशल नीड्स ऑफ चिल्ड्रेन से व शेष 10 प्रश्न शिक्षा शास्त्र से पूछे जाते हैं। आइए जानते हैं इन तीनों भागों के बारे में-
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बाल विकासः इस भाग को हल करने के लिए छात्रों को बच्चों के विकास से जुड़े हर बिंदु पर ध्यान देना चाहिए। बाल विकास के प्रिंसिपल से लेकर सतत इवैल्यूशन तक सारे प्रमुख कॉनसेप्ट आपको याद होना चाहिए। दूसरे शब्दों में इस भाग में कॉनसेप्ट, विचार, सिद्धांत से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना यह भाग टीचर के एक समावेशी क्लासरूम के निर्माण पर ध्यान देता है। आप सभी बच्चों को लेकर एक साथ कैसे चलते हैं व विशेष आवश्यकता वाले छात्रों पर उसी क्लासरूम में कैसे ध्यान देते हैं। इस भाग को पास करने के लिए आपको इन प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।
शिक्षाशास्त्रः ये प्रश्न क्लासरूम के माहौल को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। इसका उत्तर देने के लिए क्लासरूम की आवश्यकताओं को जरूर ध्यान में रखे।
इस कोर्स में फौरन एडमिशन के लिए विजिट करें- https://bit.ly/2ZVoSPI
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इसमें दो परीक्षा होती है, पेपर 1 व पेपर 2। प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई करने के लिए पहला पेपर व कक्षा 6 से 8वीं तक के लिए दूसरा पेपर होता है। इन दोनों पेपर में 150 प्रश्न होते हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप एक पेपर देते हैं या दोनों पेपर। लेकिन दोनों पेपरों में अनिवार्य 30 प्रश्न बाल विकास व शिक्षा शास्त्र से पूछे जाते हैं। यानि कि 20% प्रश्न इसी भाग से आते हैं। इसलिए आपको सीटेट की तैयारी हेतु इस भाग पर जरूर ध्यान देना चाहिए। यह भाग बाल शिक्षा आधारित होता है। जैसे कि बच्चों पर कैसे ध्यान दें, बच्चे कैसे सोचते हैं, उनकी तैयारी कैसे कराएं आदि। इसमें अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा मुश्किल बच्चों के मनोविज्ञान से जुड़े प्रश्नों को समझने में होती है। आज हम आपको बताएंगे इस भाग को तैयार करने के आसान टिप्स-
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इस सेक्शन में तीन सबसेक्शन हैं। 30 प्रश्नों में 15 प्रश्न बाल विकास से, 5 प्रश्न स्पेशल नीड्स ऑफ चिल्ड्रेन से व शेष 10 प्रश्न शिक्षा शास्त्र से पूछे जाते हैं। आइए जानते हैं इन तीनों भागों के बारे में-
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बाल विकासः इस भाग को हल करने के लिए छात्रों को बच्चों के विकास से जुड़े हर बिंदु पर ध्यान देना चाहिए। बाल विकास के प्रिंसिपल से लेकर सतत इवैल्यूशन तक सारे प्रमुख कॉनसेप्ट आपको याद होना चाहिए। दूसरे शब्दों में इस भाग में कॉनसेप्ट, विचार, सिद्धांत से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समझना यह भाग टीचर के एक समावेशी क्लासरूम के निर्माण पर ध्यान देता है। आप सभी बच्चों को लेकर एक साथ कैसे चलते हैं व विशेष आवश्यकता वाले छात्रों पर उसी क्लासरूम में कैसे ध्यान देते हैं। इस भाग को पास करने के लिए आपको इन प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।
शिक्षाशास्त्रः ये प्रश्न क्लासरूम के माहौल को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। इसका उत्तर देने के लिए क्लासरूम की आवश्यकताओं को जरूर ध्यान में रखे।
सीटेट परीक्षा (CTET Exam) पास करने के लिए कुछ खास टिप्सः
- चैप्टर वाइज सीटेट की तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लास अथवा सीटेट की किताबें देखते रहिए।
- पिछले वर्ष के पेपर को हल करें। इससे आपको अपनी कमियों के बारे में पता चलेगा।
- रिपीट होने वाले प्रश्नों को नोट करते रहें।
- विषय से जुड़े सिद्धांतो को अच्छे से तैयार करें।
- ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट हल करने का प्रयत्न करें।
- इस परीक्षा में कोई नकारात्मक मार्किंग नहीं होती है। इसलिए सारे प्रश्नों को हल करें।
Safalta.com को विद्यार्थियों की अच्छी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं
कानपुर से हमारी छात्रा पूजा वर्मा कहती हैं कि “मैं शुरू से ही टीचर बनना चाहती थीं, लेकिन कुछ विषयों में मुझे काफी दिक्कतें आती थीं। जिसके लिए मैंने Safalta.com का सीटेट टार्गेट बैच ज्वाइन किया। इस बैच से जुड़ने के बाद मेरे सारे डाउट्स क्लीयर हो गए। यहां की फैकल्टी मेरे सारे डाउट्स क्लीयर करती है। यहां पर मुझे मॉकटेस्ट व प्रैक्टिस टेस्ट भी कराए जाते हैं।अमर उजाला के पाठकों के लिए छूट
विद्यार्थियों को आज ही आवेदन करने पर 700 रुपये की छूट मिल रही है, इसके लिए CTET700 कूपन कोड का उपयोग करना होगा।इस कोर्स में फौरन एडमिशन के लिए विजिट करें- https://bit.ly/2ZVoSPI
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