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CLAT PG Answer Key Row: दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों को दी राहत, एनएलयू को जल्द परिणाम जारी करने का निर्देश

Fri, 06 Jun 2025 05:14 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 06 Jun 2025 05:14 PM IST
सार

CLAT PG 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने क्लैट उत्तर कुंजी विवाद पर छात्रों को राहत दी है। कोर्ट ने एनएलयू को जल्द परिणाम जारी करने का निर्देश दिया है। पीठ ने उत्तर कुंजी को चुनौती देने के लिए प्रति प्रश्न 1,000 रुपये शुल्क वसूलने पर भी टिप्पणी की। 
 

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CLAT PG answer key row: Relief to candidates, Delhi HC asks NLUs to declare results soon
दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

CLAT PG 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट - पीजी (CLAT-PG 2025) की उत्तर कुंजी में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों को राहत दी है और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के संघ (Consortium) को जल्द परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया है।

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मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह निर्णय उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया, जिनमें उत्तर कुंजी के दो सवालों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। हालांकि, अदालत ने तीसरे सवाल पर उठाई गई आपत्ति को खारिज कर दिया और निर्देश दिया कि उसी अनुसार छात्रों को अंक दिए जाएं।
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यह आदेश उन तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आया, जिनमें क्लैट पीजी 2025 की अंतिम उत्तर कुंजी में त्रुटियों को सुधारने की मांग की गई थी।

आपत्ति शुल्क पर कही ये बात

पीठ ने उत्तर कुंजी को चुनौती देने के लिए प्रति प्रश्न 1,000 रुपये शुल्क वसूलने पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि छात्रों और संस्थानों दोनों के हितों में "संतुलन" होना चाहिए। अन्य संस्थानों से तुलना करने पर यह शुल्क "अत्यधिक और असंतुलित" प्रतीत हुआ। हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि संघ का यह तर्क कल्पनातीत नहीं है कि यह शुल्क बेवजह आपत्तियां करने वाले या कोचिंग संस्थानों को रोकने के लिए रखा गया है।

फिर भी, कोर्ट ने उम्मीद जताई कि संघ इस विषय पर गौर करेगा और भविष्य में इतनी अधिक फीस से बचने के लिए उपयुक्त कदम उठाएगा।

कोर्ट ने सुझाव दिया कि यह मामला जस्टिस जी. रघुराम (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष रखा जाए और उनकी राय के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए।

अदालत ने उत्तर कुंजी में दिए गए उत्तरों की सही या गलत होने की स्थिति का मूल्यांकन याचिकाकर्ताओं और संघ के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद किया।

बता दें कि क्लैट परीक्षा देश के राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) में स्नातक और परास्नातक कानून पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। 2025 के लिए परीक्षा 1 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी। परीक्षा को लेकर कई उच्च न्यायालयों में याचिकाएं दाखिल हुई थीं, जिनमें कई प्रश्नों को गलत बताया गया था। 

6 फरवरी को, सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया ताकि इस मुद्दे पर एक समान और स्पष्ट निर्णय हो सके। यह आदेश संघ द्वारा दायर स्थानांतरण याचिकाओं पर दिया गया था।

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