बिना अस्तित्व में आए ही कैसे उत्कृष्ट बन गया जियो इंस्टीट्यूट, सरकार ने बताया असली सच

सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 10 Jul 2018 12:14 PM IST
अवार्ड पर सरकार ने दी सफाई
अवार्ड पर सरकार ने दी सफाई - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
रिलायंस फाउंडेशन के जियो इंस्टीट्यूट को फिलहाल इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा नहीं मिला है बल्कि इसके लिए चयन हुआ है। आगामी तीन साल में जियो को अपने प्रोस्पेक्टिव प्लान के तहत तैयारी दर्ज कराने पर उसे इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिलेगा।
ऐसा नहीं करने पर लेटर ऑफ इंटेंट (डीम्ड टू-बी यूनिवर्सिटी शुरू करने से पहले मिलने वाला पत्र) रद्द हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए चयनित इंपावर्ड एक्सपर्ट कमेटी के चेयरमैन प्रो. एन गोपालस्वामी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि जियो इंस्टीट्यूट के नाम पर उठा विवाद गलत है।

इंपावर्ड एक्सपर्ट कमेटी के चार सदस्यों ने मेरिट के आधार पर 144 में से छह संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के लिए चुना था। जियो इंस्टीट्यूट ग्रीनफील्ड कैटेगिरी के तहत दिया गया है।

इस वर्ग में सबसे अच्छे प्रोस्पेक्टिव प्लान को मेरिट में जगह मिली है। प्रो. गोपालस्वामी के मुताबिक, जियो इंस्टीट्यूट के पास लेटर इन इंटेंट के तहत तीन वर्ष का समय है। इस दौरान इंस्टीट्यूट को इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरा करना होगा। इसके बाद ही एमिनेंस का स्टेट्स मिलेगा।
आगे पढ़ें

मनीपाल व बीट्स पिल्लानी योजना पूरी नहीं करने पर हो सकते हैं बाहर

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Education

नीट यूजी प्रवेश परीक्षा 2018: 720 में से केवल 96 अंक हासिल करने वाले को मिली सीट

मेडिकल की प्रवेश परीक्षा नीट यूजी में 720 में से केवल 96 अंक हासिल करने वाले एससी कैटेगरी के छात्रों को इस साल निजी कॉलेजों में सीट मिल गई है।

7 जुलाई 2018

Related Videos

Analysis on no confidence motion

Analysis on No Confidence Motion

22 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen