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CBSE : शिक्षकों को रिसर्च का अवसर देगा सीबीएसई, बोर्ड ने लर्निंग फ्रॉम प्रैक्टिसनर्स कार्यक्रम शुरू किया
Sat, 11 Jun 2022 06:26 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 11 Jun 2022 06:26 AM IST
सार
प्रोग्राम के तहत शिक्षकों को अनुदान व मेंटरशिप सहायता भी प्रदान की जाएगी। अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षकों को एक साल की अवधि में तीन किस्तों में 25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) देशभर के शिक्षकों को अनुसंधान (रिसर्च) करने का अवसर प्रदान करने जा रहा है। सीबीएसई ने इसके लिए लर्निंग फ्रॉम प्रैक्टिसनर्स कार्यक्रम शुरू किया है। बोर्ड की इस पहल के तहत सीबीएसई से संबद्ध स्कूल शिक्षक अपने काम को साझा करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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प्रोग्राम के तहत शिक्षकों को अनुदान व मेंटरशिप सहायता भी प्रदान की जाएगी। अपने अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षकों को एक साल की अवधि में तीन किस्तों में 25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
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इस प्रोग्राम को शुरू करने के पीछे बोर्ड का उद्देश्य मेंटरशिप के नेटवर्क के साथ अनुदान और सहायता प्रदान करके सर्वश्रेष्ठ नवाचारों का चयन करना और उनका समर्थन करना है। इस प्रोग्राम केलिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। इच्छुक व्यक्ति अपने प्रस्ताव http://forms.gle/jkeLMTbam1Ho8Gmr पर जमा कर सकते हैं।
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आवेदन के तहत आने वाले उस प्रस्ताव को वरीयता दी जाएगी जो सीधे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप होंगे। सीबीएसई को उम्मीद है कि आवेदकों ने शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बारे में शोध किया होगा। इस प्रोग्राम के तहत जो शिक्षक चयनित होंगे, उन्हें एक वर्ष में तीन किस्तों में कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए 25,000 रुपये का अनुदान प्राप्त होगा।
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