फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE warns schools about coaching centres, how students are to be afftected 

कोचिंग संस्थानों के बारे में CBSE ने स्कूलों को दिया ये निर्देश, छात्रों पर भी होगा असर

Thu, 08 Aug 2019 11:14 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Thu, 08 Aug 2019 11:14 AM IST
विज्ञापन
CBSE warns schools about coaching centres, how students are to be afftected 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixnio

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी संबद्ध स्कूलों को कोचिंग संस्थानों के बारे में निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि संबद्ध स्कूल अपने परिसर में कोचिंग संस्थान के नाम पर समानांतर कक्षाएं चला रहे हैं। इंटीग्रेटिड कोर्स भी चलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सीबीएसई सिलेबस व विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। 

विज्ञापन


यह सूचना मिलने के बाद बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है और ऐसे स्कूलों को इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियां तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई स्कूल बोर्ड का निर्देश नहीं मानता है, तो उसके खिलाफ बोर्ड के एफिलिएशन बायलॉज 2018 के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें : SSC, बैंकिंग समेत अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी कैसे करें, यहां मिलेंगे अनोखे टिप्स
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या हैं नियम?

सीबीएसई के अनुसार, किसी भी नाम से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस प्रकार की कक्षाएं चलाना बोर्ड के संबद्ध उपनियमों का उल्लंघन है। सीबीएसई सचिव अनुराग त्रिपाठी की ओर से इस संबंध में स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल ऐसी ट्यूशन व कोचिंग कक्षाओं को बंद करें, जो स्कूल टाइम टेबल के समांतर हों। इससे स्कूलों की कक्षाओं का टाइम टेबल प्रभावित हो रहा है। 

ये भी पढ़ें : दो विदेशियों समेत कितने लोगों को मिल चुका है भारत रत्न, देखें 65 वर्षों की पूरी सूची

सचिव ने स्कूलों को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के नियम 28 का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक खुद को प्राइवेट ट्यूशन व प्राइवेट टीचिंग में संलग्न नहीं कर सकता है। सीबीएसई के एफिलिऐशन बायलॉज 2018 के नियम 14.10 के अनुसार, किसी स्कूल के परिसर को व्यावसायिक गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।  

ये भी पढ़ें : JEE Main 2020 के लिए आवेदन की ये है तारीख, NTA ने बताया शेड्यूल

सीबीएसई को कुछ स्कूलों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें यह जानकारी सामने आई है कि वह परिसर में कोचिंग संस्थान चला रहे हैं। सीबीएसई के कोर्स के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियां कराई जा रही हैं। इन तैयारियों के नाम पर छात्रों व अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें : तीन या चार साल का कर सकेंगे स्नातक, एक साल की होगी मास्टर डिग्री
 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed