फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   cbse thought about new practical center know more details

CBSE: 10वीं-12वीं छात्रों के लिए प्रैक्टिकल केंद्र बनाने की तैयारी, अब जाना होगा सेंटर

Mon, 12 Aug 2019 10:15 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Mon, 12 Aug 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
cbse thought about new practical center know more details

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं की ही तरह प्रैक्टिकल कराने के लिए भी केंद्र बनाने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बच्चों में प्रतियोगिता की भावना विकसित होगी। इसे लेकर बोर्ड ने जिले के 97 स्कूलों से अपने-अपने यहां मौजूद लैब की क्षमता, उपकरण के साथ शिक्षकों की संख्या की रिपोर्ट मांगी थी। स्कूल प्रबंधन इसे बोर्ड को उपलब्ध करा दिया है। बोर्ड इस प्रस्ताव पर मंथन कर रहा है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- CBSE ने दोगुनी की बोर्ड फीस, परीक्षा देने के लिए अब भरने होंगे हजारों रुपए 

विज्ञापन

पुरानी व्यवस्था के मुताबिक अभी तक प्रैक्टिकल संबंधित स्कूल में ही करवाए जाते थे, लेकिन अब थ्योरी की तर्ज पर ही प्रैक्टिकल को भी दूसरे केंद्र पर करवाने पर विचार हो रहा है। थ्योरी व प्र्रैक्टिकल दोनों के सेंटर एक ही जगह रखे जाएंगे। सत्र 2019-2020 से ही नई व्यवस्था को लागू करने पर विचार चल रहा है।
कुछ स्कूलों में प्रैक्टिकल करवाने के लिए लैबोरेटरी और पर्याप्त साधन नहीं होने की वजह से बोर्ड इसपर विचार कर रहा है। इसके साथ ही प्रैक्टिकल की मार्किंग स्कीम में भी बदलाव किया जा सकता है। प्रैक्टिकल के लिए एडमिट कार्ड भी दिए जाएंगे।

स्कूलों में चरमरा जाएगी शिक्षण व्यवस्था
स्कूल प्रबंधन की मानें तो नई व्यवस्था से स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था चरमरा जाएगी। स्कूलों में बच्चों की क्षमता के मुताबिक ही फिजिक्स, केमिस्ट्री और बॉयोलॉजी की लैब और उपकरण मौजूद हैं। अगर किसी विद्यालय को प्रैक्टिकल के लिए केंद्र बनाया जाएगा तो वहां सीमित संसाधनों में इसे कराना चुनौतीपूर्ण होगा। मसलन एक लैब में एक बार में 20-25 बच्चों के बैच का ही प्रैक्टिकल कराया जताया है। बोर्ड अगर थ्योरी की तर्ज पर प्रैक्टिकल के भी 22 केंद्र बनाता है तो हर केंद्र पर 1000 से अधिक विद्यार्थियों का प्रैक्टिकल होगा। यानी एक बैच के मुताबिक एक हजार बच्चों के एक विषय का ही प्रैक्टिकल 20-25 दिन तक चलेगा। केंद्र बनाए गए स्कूल में प्रैक्टिकल पूरा करने में महीनों लग जाएंगे। ऐसे में उस स्कूल की शिक्षण व्यवस्था बेपटरी हो जाएगी। उसके अलावा संसाधनों का खर्च कौन उठाएगा, ये भी अभी स्पष्ट नहीं है।

ये भी पढ़ें- सीबीएसई ने जारी की बोर्ड परीक्षा की तिथि, शुरू कर दें तैयारी

शिक्षा की खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
सरकारी नौकरी की खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed