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Hindi News ›   Education ›   CBSE Revaluation Portal Glitches Trouble Students; Board Assures Fair Review of All Complaints

CBSE: 8000 से लेकर 69000 तक फीस दिखने के स्क्रीनशॉट वायरल, सीबीएसई की छात्रों और पैरेंट्स से खास अपील

Sat, 23 May 2026 06:57 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Sat, 23 May 2026 06:57 PM IST
सार

CBSE: री-इवैल्यूएशन और स्कैन कॉपी प्रक्रिया के दौरान छात्रों को पोर्टल क्रैश, पेमेंट फेल और धुंधली आंसर शीट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कई स्क्रीनशॉट्स भी वायरल हुए, जिनमें फीस 8,000 से लेकर 69 हजार तक भी दिखाई दे रही है।
 

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CBSE Revaluation Portal Glitches Trouble Students; Board Assures Fair Review of All Complaints
CBSE - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के बाद अब री-इवैल्यूएशन और स्कैन आंसर शीट प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, जिनमें उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए अलग-अलग और बेहद ज्यादा फीस दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। कई स्क्रीनशॉट्स में जहां 69 रुपये या 69.67 रुपये फीस दिखी, वहीं कई में फीस 8000 रुपये और 69000 रुपये तक दिखाई देने का दावा किया गया।

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वेबसाइट हैक होने तक की बात कही जा रही

इन वायरल दावों के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए कि आखिर सीबीएसई की वेबसाइट पर इतनी अलग-अलग फीस क्यों दिखाई दे रही है। कुछ यूजर्स ने तो वेबसाइट हैक होने तक की आशंका जता दी। हालांकि, बोर्ड की ओर से अब तक वेबसाइट हैक होने की कोई पुष्टि नहीं की गई है।

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19 मई से पोर्टल पर आ रही दिक्कतें

छात्रों का कहना है कि 19 मई से जैसे ही स्कैन कॉपी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई, उसी समय से पोर्टल पर तकनीकी समस्याएं देखने को मिलने लगीं। कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि भुगतान सफल होने के बावजूद आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा है। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि वेबसाइट बार-बार क्रैश हो रही है और “Preview & Confirmation” पेज से आगे नहीं बढ़ रही।

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धुंधली आंसर शीट ने बढ़ाई परेशानी

तकनीकी दिक्कतों के बीच छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। कई छात्रों का दावा है कि उन्हें जो कॉपियां दिखाई गईं, वे इतनी धुंधली थीं कि लिखावट और अंक साफ पढ़ना मुश्किल था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर भी बहस तेज हो गई।

सीबीएसई ने क्या कहा?

सीबीएसई ने पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए छात्रों और अभिभावकों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है। बोर्ड ने कहा कि स्कैन कॉपी, मूल्यांकन या री-इवैल्यूएशन से जुड़ी सभी वास्तविक शिकायतों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

बोर्ड ने यह भी स्वीकार किया कि कम समय में बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण पोर्टल पर भारी ट्रैफिक रहा, जिससे तकनीकी गड़बड़ियां सामने आईं। सीबीएसई के अनुसार सिस्टम को मजबूत करने और समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

सीबीएसई का हालिया नोटिस:

आवेदन की तारीख बढ़ाई गई

छात्रों को राहत देते हुए बोर्ड ने स्कैन आंसर शीट के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 24 मई 2026 कर दी है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी समस्याओं की वजह से किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।



 

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