फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE offers nine subjects for Class 9th and 10th students

CBSE: नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों के विषय को लेकर सीबीएसई ने किया ये अहम बदलाव

Tue, 07 Apr 2020 04:05 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Tue, 07 Apr 2020 04:05 PM IST
विज्ञापन
CBSE offers nine subjects for Class 9th and 10th students
विद्यार्थी

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को नौ विषय पढ़ने का विकल्प दिया है। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थी अब पांच अनिवार्य विषयों के साथ ही चार और विषय ले सकते हैं। खास बात यह है कि विद्यार्थी ग्रुप के हिसाब से अपने विषय चुन सकते हैं। सीबीएसई ने सभी विषयों को ग्रुप में जोड़ दिया है और उसी के हिसाब से विद्यार्थी अपने विषयों का चयन कर पाएंगे। इन ग्रुपों के आधार पर विद्यार्थी अपनी पसंद के विषयों को चुन सकेंगे। ये ग्रुप मुख्य विषय, ऐच्छिक विषय और भाषा के आधार पर बांटे गए हैं।

विज्ञापन

 

छात्र अपनी पसंद के हिसाब से किसी भी ग्रुप को चुन सकते हैं। यह प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय का चुनाव करने में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। इससे पहले तक छात्रों को नौवीं और दसवीं में विषय के चुनाव को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों की सहायता लेनी पड़ती थी क्योंकि वे विषय के चुनाव को लेकर असमंजस में रहते थे। लेकिन अब सीबीएसई ने इसे और आसान बना दिया है।

विज्ञापन

 

 

सीबीएसई का कहना है कि अगर कोई विद्यार्थी तीन अनिवार्य शैक्षिक विषयों जैसे विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाता है और कौशल विषय में पास हो जाता है तो उसका दसवीं कक्षा का रिजल्ट कौशल विषय को जोड़कर तैयार किया जाएगा। यानी कि अगर विद्यार्थी कौशल विषय में पास हो जाता है और अनिवार्य में किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो उसे पास कर दिया जाएगा। इसी तरह भाषा विषय में भी किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें-COVID-19: मुंबई विश्वविद्यालय ने छह भाषाओं में लॉन्च किया फ्री काउंसलिंग पोर्टल, विद्यार्थियों को ऐसे मिलेगा लाभ

अगर कोई विद्यार्थी भाषा में फेल हो जाता है और छठे विषय के तौर पर ली गई भाषा में पास हो जाता है तो उसके रिजल्ट में जिसमें पास हुआ है उसके अंक जुडेंगे। विद्यार्थियों के लिए नौ विषयों में से पांच अनिवार्य विषय होंगे जो कि हिंदी, इंग्लिश, गणित, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी चार अन्य विषय भी ले सकेंगे। जिनमें  छठा विषय कोई कौशल विषय होगा और सातवां विषय तीसरी भाषा होगी। आठवां और नौवां विषय आर्ट एजुकेशन, हेल्थ फिजिकल एजुकेशन और वर्क एक्सपीरियंस में से चुनना होगा। आठवें और नौवें विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed