CBSE: पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करने के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित; स्कूल-पैरेंट में बेहतर तालमेल बनाना उद्देश्य
CBSE Parenting Calendar: स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य के साथ सीबीएसई ने सत्र 2025-26 के लिए पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करने और उसे लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
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CBSE: उभरते शैक्षिक परिदृश्य में स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करने के उद्देश्य के साथ सीबीएसई ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीबीएसई ने सत्र 2025-26 के लिए पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करने और उसे लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है। समिति अपनी सिफारिशें संभावित रुप से 15 मार्च, 2025 तक प्रस्तुत कर सकती है।
CBSE constitutes a 10-member committee for the purpose of developing and implementing the Parenting Calendar for the session 2025-26. The tentative deadline for submission of the committee's recommendations is 15 March 2025. pic.twitter.com/6I72XZiyHs
— ANI (@ANI) January 15, 2025विज्ञापन
पैरेंटिंग कैलेडर विकसित करने का उद्देश्य
1. प्रभावी अभिभावक-शिक्षक बातचीत को सुविधाजनक बनाना।
2. किशोरों, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) और प्रारंभिक/मध्य आयु समूहों सहित विविध छात्र आवश्यकताओं का समर्थन करना।
3. महत्वपूर्ण मील के पत्थर (जैसे, परीक्षा परिणाम, व्यवहार परिवर्तन) को संबोधित करने के लिए एक सुसंगत संचार ढांचा स्थापित करना।
4. संरचित जुड़ाव के माध्यम से समय पर समर्थन और हस्तक्षेप प्रदान करना।
आधिकारिक नोटिस में लिखा है, "उभरते शैक्षिक परिदृश्य में स्कूलों और अभिभावकों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए, सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक संरचित पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करने का इरादा रखता है।"
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सीबीएसई के अनुसार, इस पेरेंटिंग कैलेंडर का उद्देश्य प्रभावी अभिभावक-शिक्षक बातचीत को सुविधाजनक बनाना है। यह कैलेंडर किशोरों, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) और प्रारंभिक/मध्यम आयु वर्ग सहित विविध छात्र आवश्यकताओं का भी समर्थन करेगा।
अनुराधा जोशी करेंगे समिति का नेतृत्व
इस समिति का नेतृत्व अनुराधा जोशी करेंगी, जो वर्तमान में दिल्ली के सरदार पटेल विद्यालय की प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं। समिति में नौ अन्य सदस्य हैं, जो देश भर के स्कूलों में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत हैं।
समिति की जिम्मेदारियों में वर्चुअल या ऑफ़लाइन बैठकों में भाग लेना, निर्णय लेने के लिए संयोजक के साथ सहयोग करना और एक व्यापक पेरेंटिंग कैलेंडर विकसित करना शामिल होगा। समिति की सिफारिशों की समय सीमा 15 मार्च, 2025 है।
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