CBSE बोर्ड ने छात्रों-अभिभावकों से की अपील, अफवाहों पर न दें ध्यान, JEE MAIN का पेपर नहीं हुआ लीक
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जेईई मेन 2018 की परीक्षा में न तो पेपर लीक हुआ है, न ही वर्ष 2016 के प्रश्न रिपीट और न ही किसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के मॉडल पेपर से सात से आठ प्रश्न लिए गए हैं। सीबीएसई बोर्ड ने जांच के बाद छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। क्योंकि यह सारा मामला दो कोचिंग इंस्टीट्यूट की आपसी रंजिश के चलते हुआ है।
बोर्ड का दावा है कि जेईई मेन की परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार करने में 100 से 110 विशेषज्ञ होते हैं, लेकिन उनके द्वारा तैयार प्रश्नों को काफी हद तक बदल दिया जाता है। इसलिए कोई भी विशेषज्ञ यह दावा नहीं कर सकता है कि प्रश्न कौन सा लिखा गया होगा।
सीबीएसई बोर्ड प्रबंधन के मुताबिक, जेईई मेन 2018 की परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। यह सब बोर्ड की साख को खराब करने के उदेश्य से किया जा रहा है, ताकि छात्र और अभिभावक परेशान रहें। हालांकि बोर्ड का दावा है कि किसी भी तरह पेपर से छेड़छाड़ नहीं हुई है। सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक, उक्त निजी इंस्टीट्यूट ने भी वेबसाइट की खबर का खंडन किया है कि सात से आठ प्रश्न उनके 2016 के मॉडल पेपर से हैं।
एक वेबसाइट ने 7 से 8 प्रश्न पर उठाए हैं सवाल
एक वेबसाइट ने दावा किया है कि जेईई मेन 2018 की परीक्षा में पूछे गए 90 सवालों में से सात से आठ प्रश्न एक निजी कोचिंग इंस्टीट्यूट के मॉडल पेपर से उठाए गए हैं। यह मॉडल पेपर उक्त इंस्टीट्यूट के वर्ष 2016 का है। हालांकि बोर्ड ने इस वेबसाइट की खबर को गलत करार दिया है।
ऐसे तैयार होता है जेईई मेन का पेपर
100 से 110 विशेषज्ञ पेपर तैयार करने में मदद करते हैं। यह सारी प्रक्रिया परीक्षा से डेढ़ महीना पहले शुरू होती है। प्रति विशेषज्ञ दो से दस सवाल दे सकते हैं, जो कि हाथ से लिखे होते हैं। उक्त विशेषज्ञ जब उस कमेटी रूम में आते हैं, उस दौरान उनके हाथ में पेन, पेपर या मोबाइल कुछ भी नहीं होता है। इसके अलावा उनकी गहन जांच होती है।
वे अपने सवाल रखकर चले जाते हैं। इस प्रकार दो से ढाई हजार सवाल तैयार किए जाते हैं। हालांकि फाइनल टच से पहले एक अन्य विशषेज्ञ टीम उन हाथ से लिखे सवालों को कई बार बदल देती हैं। यह कमरा पूरी तरह सीसीटीवी की निगरानी में रहता है, ताकि कोई कॉपी न कर सके।
सके बाद मॉडरेशन आकर उस बॉक्स को पूरा घुमाता है, जिसमें सवाल डाले गए होते हैं। इसमें से 90 प्रश्नों का सेट तैयार होता है, जिसमें 30 फिजिक्स, 30 केमिस्ट्री व 30 मैथ्स के सवाल होते हैं। इसी बॉक्स से अलग-अलग करीब आठ से नौ प्रश्न पत्र के सेट बनते हैं। परीक्षा में कौन सा सेट जाएगा यह किसी को पता नहीं होता है। प्रश्न पत्र बेहद गोपनीय व भरोसेमंद प्रिंटिंग प्रेस में छपते हैं।
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