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वेब जर्नलिस्ट : बनिए नए जमाने के पत्रकार
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2014 03:15 PM IST
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इंटरनेट के जमाने में वेबसाइट पर न्यूज पढ़ने वालों की तादाद आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी है। आज का मीडिया मास मीडिया नहीं बल्कि न्यू मीडिया के तौर पर जाना जा रहा है। मीडिया विशेषज्ञ भी कहने लगे हैं कि मीडिया का भविष्य अब वेब जर्नलिज्म है।
अखबारी दुनिया में टेक्स्ट के रूप में खबर अपना रंग रूप पाती है तो दूसरी तरफ वेब जर्नलिज्म में विजुअल और ऑडियो की मदद से खबर को पंख दिए जा रहे हैं। प्रिंट और वेब जर्नलिस्ट के रूप में काम करने के लिए बुनियादी योग्यता में ज्यादा फर्क नहीं है। हालांकि टेक्नोलॉजी के साथ जुडा होने के कारण खबरों को फटाफट बनाने और प्रेजेंट करने की तकनीक में पारंगत होना वेब जर्नलिस्ट के लिए जरूरी है।
ऑनलाइन जर्नलिज्म की फील्ड में जाने के लिए आपको कंप्यूटर की खासी जानकारी होनी चाहिए। चूंकि आज लोग कंप्यूटर के अलावा मोबाइल में भी इंटरनेट यूज कर रहा है, मोबाइल जर्नलिज्म की संभावना भी काफी बढ़ी है।
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वेब जर्नलिज्म में इस समय बहुत अधिक संभावनाएं हैं। लगभग हर अखबार और न्यूज चैनल के पास अपनी अपनी न्यूज वेबसाइट है। इस फील्ड में जमने के लिए जरूरी है कि आपको कुछ तकनीकी ज्ञान, और कई भाषाओं पर पकड़ होनी चाहिए।
पत्रकारिता का बुनियादी ज्ञान, इंटरनेट की जानकारी, सर्च इंजन जैसे गूगल और विकीपीडिया को यूज करने की क्षमता होनी चाहिए। तुरंत आई किसी खबर के संबंध में पुरानी पोस्ट और फोटोग्राफ और अन्य संबंधित मैटर खोजने का अनुभव आपके लिए लाभदायक होगा।
तकनीकी जानकारी की बात की जाए तो आपको एच टी एम एल ( html ) का आधारभूत ज्ञान, सोशल मीडिया, ब्लॉलिंग वर्डप्रेस, गूगल ब्लॉग की जानकारी होनी चाहिए।
अपनी खबर को लोकप्रिय और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सर्च इंजन आप्टिमज़ैशन (SEO) और मेटा टैग की समझ होनी जरूरी है।
जिस तरह आपकी खबर अखबार में खास जगह छपती है उसी तरह वेबसाइट पर आपकी खबर एक खास जगह पर एंट्री की जाती है। उसके लिए और सी एम एस (कांटेंट मैनेजमैंट स्सिटम) की जानकारी होनी चाहिए। अलग अलग वेबसाइट के अलग अलग (CMS) होते हैं।
आपको फेसबुक, ट्विटर,यू ट्यूब, लिंकडन आदि प्लेटफार्म पर एक्टिव रहना होगा ताकि पल पल होने वाली गतिविधियों से रूबरू रह सकें। अखबार से अलग वेबसाइट पत्रकारिता में वीडियो और ऑडियो का भी उतना ही महत्व है जितना किसी ब्रेकिंग खबर का। आपको वीडियो और ऑडियो एडिटिंग का प्रशिक्षण लेना होगा। ग्रॉफिक की बुनियादी समझ जैसे फोटोशॉप पर फोटो को रिसाइज करना क्रॉपिंग और फोटो पर टेक्स्ट लिखना और उसे वेब के लिए सेव करने का प्रशिक्षण जरूरी है।
हालांकि वेब जर्नलिज्म के लिए अलग से कोई खास कोर्स नहीं कराया जाता लेकिन फिर भी कई संस्थान वेब पत्रकारिता के तहत तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण देते हैं।
वेब पत्रकारिता पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है। फिलहाल ये कोर्स गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, डीयू में कराया जा रहा है। इसके अलावा कई नामी गिरामी न्यूज चैनल भी मास मीडिया के छात्रों को वेब और टीवी पत्रकारिता की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
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अखबारी दुनिया में टेक्स्ट के रूप में खबर अपना रंग रूप पाती है तो दूसरी तरफ वेब जर्नलिज्म में विजुअल और ऑडियो की मदद से खबर को पंख दिए जा रहे हैं। प्रिंट और वेब जर्नलिस्ट के रूप में काम करने के लिए बुनियादी योग्यता में ज्यादा फर्क नहीं है। हालांकि टेक्नोलॉजी के साथ जुडा होने के कारण खबरों को फटाफट बनाने और प्रेजेंट करने की तकनीक में पारंगत होना वेब जर्नलिस्ट के लिए जरूरी है।
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ऑनलाइन जर्नलिज्म की फील्ड में जाने के लिए आपको कंप्यूटर की खासी जानकारी होनी चाहिए। चूंकि आज लोग कंप्यूटर के अलावा मोबाइल में भी इंटरनेट यूज कर रहा है, मोबाइल जर्नलिज्म की संभावना भी काफी बढ़ी है।
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वेब जर्नलिज्म में इस समय बहुत अधिक संभावनाएं हैं। लगभग हर अखबार और न्यूज चैनल के पास अपनी अपनी न्यूज वेबसाइट है। इस फील्ड में जमने के लिए जरूरी है कि आपको कुछ तकनीकी ज्ञान, और कई भाषाओं पर पकड़ होनी चाहिए।
पत्रकारिता का बुनियादी ज्ञान, इंटरनेट की जानकारी, सर्च इंजन जैसे गूगल और विकीपीडिया को यूज करने की क्षमता होनी चाहिए। तुरंत आई किसी खबर के संबंध में पुरानी पोस्ट और फोटोग्राफ और अन्य संबंधित मैटर खोजने का अनुभव आपके लिए लाभदायक होगा।
तकनीकी जानकारी की बात की जाए तो आपको एच टी एम एल ( html ) का आधारभूत ज्ञान, सोशल मीडिया, ब्लॉलिंग वर्डप्रेस, गूगल ब्लॉग की जानकारी होनी चाहिए।
अपनी खबर को लोकप्रिय और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सर्च इंजन आप्टिमज़ैशन (SEO) और मेटा टैग की समझ होनी जरूरी है।
जिस तरह आपकी खबर अखबार में खास जगह छपती है उसी तरह वेबसाइट पर आपकी खबर एक खास जगह पर एंट्री की जाती है। उसके लिए और सी एम एस (कांटेंट मैनेजमैंट स्सिटम) की जानकारी होनी चाहिए। अलग अलग वेबसाइट के अलग अलग (CMS) होते हैं।
आपको फेसबुक, ट्विटर,यू ट्यूब, लिंकडन आदि प्लेटफार्म पर एक्टिव रहना होगा ताकि पल पल होने वाली गतिविधियों से रूबरू रह सकें। अखबार से अलग वेबसाइट पत्रकारिता में वीडियो और ऑडियो का भी उतना ही महत्व है जितना किसी ब्रेकिंग खबर का। आपको वीडियो और ऑडियो एडिटिंग का प्रशिक्षण लेना होगा। ग्रॉफिक की बुनियादी समझ जैसे फोटोशॉप पर फोटो को रिसाइज करना क्रॉपिंग और फोटो पर टेक्स्ट लिखना और उसे वेब के लिए सेव करने का प्रशिक्षण जरूरी है।
हालांकि वेब जर्नलिज्म के लिए अलग से कोई खास कोर्स नहीं कराया जाता लेकिन फिर भी कई संस्थान वेब पत्रकारिता के तहत तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण देते हैं।
वेब पत्रकारिता पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है। फिलहाल ये कोर्स गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, डीयू में कराया जा रहा है। इसके अलावा कई नामी गिरामी न्यूज चैनल भी मास मीडिया के छात्रों को वेब और टीवी पत्रकारिता की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
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