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Safalta Talks : डिग्री और स्किल के अलावा युवाओं में एक्स फैक्टर देख रहीं कंपनियां : विनेत कुमार

Sat, 06 Apr 2024 11:19 AM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Sat, 06 Apr 2024 11:19 AM IST
सार

Master Class Session : विषय : एक्स फैक्टर नीडेड टू गेट हायर्ड - बियांड फॉर्मल ट्रेनिंग | अतिथि : विनेत कुमार सीईओ, थॉटसोल इंफोटेक प्रालि.

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Safalta Talks: Apart from degree and skill, companies are looking for X factor in youth: Vineet Kumar
X Factor - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सफलता.कॉम द्वारा एक्स फैक्टर नीडेड टू गेट हायर्ड - बियांड फॉर्मल ट्रेनिंग विषय पर आयोजित मास्टर क्लास सेशन में अतिथि सीईओ थॉटसोल इंफोटेक प्रालि. के सीईओ विनेत कुमार ने कहा कि एक्स फैक्टर का मतलब है आपके अंदर कुछ अलग होना, कुछ रहस्यमयी या कुछ जादुई होना। क्योंकि सभी 12वीं करते हैं, कोई इंजीनियरिंग करता है, कोई मेडिकल की पढ़ाई करता है। या कोई ग्रेजुएशन के बाद स्किल सर्टिफिकेशन करता है। तो आपके जैसे तो हजारों युवा होंगे। फिर आपके अंदर ऐसी क्या क्वालिटी है जिसके लिए कोई कंपनी आपको हायर करे। उसी क्वालिटी को हम एक्स फैक्टर कह सकते हैं। जाहिर है वो क्वालिटी आपके सर्टिफिकेट पर नहीं लिखी होगी। क्योंकि हम मानवीय गुणों की बात कर रहे हैं। आपकी सोच और सोचने की क्षमता की बात कर रहे हैं। दरअसल हम उन गुणों की बात कर रहे हैं जिनको आज की कंपनियां युवाओं में देख रही हैं। जब वो इंटरव्यू के लिए जाते हैं। कि आपके अंदर ऐसी क्या क्वालिटी है ऐसी क्या खूबी है जिसे आप कंपनी के कल्चर, एनवायरमेंट के अंदर उपयोग कर सकते हैं।

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जिन एक्स फैक्टर्स को कंपनियां देती हैं महत्व

1-सेल्फ ड्रिवेन  - एक अवसर को पहचान कर कार्य करना, नाकि किसी निमंत्रण या अनुमति के लिए रुकना।

2-सेल्फ अकाउंटेबल - अपनी असफलताओं के लिए स्वयं को दोषी मानें न कि दूसरों पर दोष मढ़ दें।

3-सेल्फ इफेसिंग - एक टीम प्लेयर बनें

4-सेल्फ अवेयर  - खुद को और भी बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार करने का प्रयास करना

5-सेल्फ लर्निंग  - बेहतर निर्णय के लिए अपने अंदर पैशन और जनून को लेके आना

6-सेल्फ कॉंफिडेंस  - टीम प्लेयर के रुप में पूरे आत्मविश्वास से अपना दृष्टिकोण रखना

 

एक्स फैक्टर को उभारने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

1-अपने आप को जानें कि आप क्या हैं

2-आपको कौन सी चीज खुश करती है उसे पहचानें

3-ये जानें कि आप किस चीज के बारे में पैशनेट हैं

4-ये समझें कि आपकी रुचि कंपनी में आपके आपकी भूमिका को कैसे बेहतर बना सकती है।

 

दो तरह के माइंडसेट के साथ काम करते हैं लोग

विनेत कुमार ने युवाओं से कहा कि दुनियां में दो तरह के माइंडसेट वाले लोग होते हैं एक वो जो पहले से ये तय कर लेते हैं कि उन्हें क्या करना है, और एक वो जो लगातार सीखने के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।

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1-फिक्स्ड माइंडसेट -

  1. मैं इस काम में कभी अच्छा नहीं हो सकूंगा।
  2. ये संभव ही नहीं है
  3. मैं खुद को नहीं बदल सकता
  4. विफलता का मतलब सब खत्म
  5. वो मुझसे बेहतर हैं फिर मैं क्यों कोशिश करूं

 

2-ग्रोथ माइंडसेट

  • ऐसी कौन सी स्टेप मैं लूं जिनसे मैं खुद को बेहतर बना सकूं
  • मेरे पास विकल्प क्या क्या हैं
  • इस मामले पर दूसरों की सोच क्या होगी
  • मैं अपने अंदर और क्या बदलाव ला सकता हूं
  • इस कार्य से मैंने क्या सीखा
  • मैं अपने लक्ष्यों को किस प्रकार से हासिल कर सकता हूं

 

एक ग्रोथ माइंडसेट कैसे तैयार करें

  1. फिक्स्ड माइंडसेट के विचारों को चुनौती दें
  2. लचीलापन विकसित करें
  3. अपनी ग्रोथ का जश्न मनाएं
  4. लगातार सीखना जारी रखें
  5. लगातार प्रयास करें
  6. असफलताओं का सामना करते हुए दृढ़ रहें
  7. प्रतिक्रियाओं से सीखें
  8. चुनौतियों का सामना करें

 

ग्रोथ हासिल करनी है तो कंफर्ट जोन से बाहर निकलें

विनेत कुमार ने कहा कि कंफर्ट जोन में हर व्यक्ति कभी न कभी आता ही है। जिसके बाद आता है फियर जोन, फिर लर्निंग जोन और फिर ग्रोथ जोन।

  1. कंपनियों के अंदर जो लोग ग्रोथ जोन में काम करते हैं वो सफल कहलाते हैं
  2. कंपनियों से वही लोग निकाले जाते हैं जो अपने कंफर्ट जोन में काम करते हैं।

कंफर्ट जोन : जैसे लोग जो एक कमरे में सोते हैं माता -पिता के पास रहते हैं सोचते हैं कि यहीं रहूंगा, इस वातावरण में अपनी पूरी जिंदगी काटूंगा। यानी उन्होंने खुद को कंफर्ट जोन में रख लिया है। उनका फिक्स्ड माइंडसेट है। ऐसे लोग जैसे ही इस फिक्स्ड माइंडसेट या कंफर्ट जोन से बाहर आते हैं उन्हें डर लगता है वो सोचते हैं कि कहीं फेल हो गया, मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे। लोग मुझे इग्नोर करेंगे।

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फियर जोन : जैसे बच्चा जब हॉस्टल में पहली बार जाता है तो वह फियर जोन में होता है। आप सोचते हो कि पता नहीं कौन मेरा रूम पार्टनर होगा, मेरी रैगिंग तो नहीं होगी। मैं यहां अच्छे से पढ़ाई कर पाउंगा कि नहीं। फियर जोन में जैसे जैसे आपको अनुभव होने लगता है आप उससे सीखने लगते हैं और लर्निंग जोन में आ जाते हैं।

लर्निंग जोन : जब आप जो कर रहे हैं उसे आप एंज्वाय करने लगते हैं। लर्निंग जोन से निकलने के बाद युवा ग्रोथ जोन में चले जाते हैं।

ग्रोथ जोन : उदाहरण, जैसे कोई सेल्स मैनेजर है और किसी शहर में लंबे समय से काम कर रहा है यानि वह कंफर्ट जोन में है अचानक उसे कह दिया गया कि अब आपको दूसरे राज्य भेजा जा रहा है वहां जाकर आपको काम संभालना है। तुरंत वह फियर जोन में आ जाएगा। सोचेगा कैसे क्या होगा। जब दूसरे राज्य जाकर वह काम संभालेगा नए लोगों से मिलेगा। गलतियों से सीखेगा तो वह लर्निंग जोन में आ जाएगा। लर्निंग जोन में से निकलकर जब वह उसी राज्य में कंपनी के काम को प्रोफिट में लेकर आएगा तब वह ग्रोथ जोन में होगा। ऐसे लोगों को कंपनियां चैंपियन मानती हैं कि इसको कोई भी काम दो ये करके दिखाता है। ये चैलेंज लेने वाला आदमी है।

 

आज की कंपनियां युवाओं में देखती हैं टैलेंट ग्रिड

विनेत कुमार ने युवाओं से कहा कि आज की कंपनियां युवाओं में टैलेंट ग्रिड देखती हैं। जैसे कंपनी में जो उच्च क्षमता और उच्च परफॉर्मेंस वाले लोग होते हैं वो हमेशा के लिए स्टार होते हैं। उनकी जॉब हमेशा सुरक्षित रहती है। ऐसे युवा जो अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं लेकिन क्षमता मध्यम है तो वह मौजूदा समय के स्टार होते हैं यानि जैसे ही कोई उनसे अधिक क्षमता वाला कैंडिडेट वहां आया उनकी नौकरी जाएगी। ऐसे युवा जो उच्च क्षमता रखते हैं और मध्यम स्तर का परफॉर्म कर पा रहे हैं उन्हें भविष्य का स्टार कहा जाता है। यानि कंपनी ये मानती है कि इसके अंदर क्षमता है ये सीखने के लिए भी तैयार है इसे ट्रेन करके बेहतर बनाया जा सकता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनमें क्षमता नहीं होती और परफॉर्म भी नहीं कर पाते उनकी नौकरी हमेशा रिस्क पर होती है। 

 

सफलता के साथ बनाएं अपना कॅरिअर

अगर आप भी ग्रेजुएशन कर चुके हैं लेकिन अपने कॅरिअर को लेकर तमाम तरह की चिंताओं से घिरे हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश की जानी-मानी ऐडटेक कंपनी सफलता ने युवाओं की मदद के लिए कई प्रोफेशनल और स्किल ओरिएंटेड शॉर्ट और लॉन्ग टर्म कोर्सेज की शुरुआत की है जहां से आप घर बैठे खुद को एक किसी फील्ड का प्रोफेशनल बना सकते हैं। यहां ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग के अलावा भी कई कोर्स मौजूद हैं। अगर आप भी प्राइवेट नौकरी की तलाश में हैं तो आप एक बार सफलता डॉट कॉम पर विजिट जरूर करें और अपनी पसंद के मुताबिक कोर्स में एडमिशन लीजिए। आप अपने फोन में Safalta App डाउनलोड कर भी इन कोर्सेज से जुड़ सकते हैं।

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