फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   ragging in college or universites can lead to seats cut and admission ban on college

रैगिंग होने पर कॉलेज में दाखिले पर लगेगी रोक, सीटों में भी कटौती

Mon, 24 Apr 2017 12:11 PM IST
amarujala.com- सीमा शर्मा (Edited by: शिवेन्दु शेखर)
amarujala.com- सीमा शर्मा (Edited by: शिवेन्दु शेखर) Updated Mon, 24 Apr 2017 12:11 PM IST
विज्ञापन
ragging in college or universites can lead to seats cut and admission ban on college
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Source

रैगिंग रोकने में उच्च शिक्षण संस्थानों की नाकामी साबित होने पर अब उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे विश्वविद्यालय या कॉलेज में एक साल तक दाखिले पर रोक लगेगी। इसके अलावा नए कोर्स को शुरू करने पर रोक के साथ-साथ सीटों में भी कटौती होगी। सरकार ने सभी इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट और अन्य विश्वविद्यालयों में रैगिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब उन संस्थानों की जिम्मेदारी तय कर दी है।     

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक देशभर के विश्वविद्यालयों में रैगिंग संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव किया जा रहा है फिर भी रैगिंग की घटनाएं थम नहीं रही हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों की पहली बार जिम्मेदारी तय की गयी है।
विज्ञापन


इसके तहत कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी का गठन, वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबर व एंटी रैगिंग पोस्टर लगाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं होंगे।

रैगिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा...

ragging in college or universites can lead to seats cut and admission ban on college
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Source

बल्कि उन्हें रैगिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा। कॉलेज प्रबंधन को कैंपस में पहले वर्ष के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने होंगे, ताकि वे बिना डरे अपनी दिक्कतें शिक्षकों या एंटी रैगिंग कमेटी से साझा कर सकें। 

नए दिशा-निर्देशों के तहत मस्ती या मजाक भी रैगिंग की श्रेणी में शामिल हो चुका है। वहीं, लाइब्रेरी में भी नए छात्रों को समय पर किताब आदि मुहैया हो रही है  या नहीं? इसके अलावा हॉस्टल में देर शाम से देर रात तक डीन स्टूडेंट या एंटी रैगिंग कमेटी या वार्डन को हॉस्टल में प्रतिदिन औचक दौरा करना है।

हॉस्टल में यह भी जांचना होगा कि स्टडी टाइम में सभी छात्र अपने-अपने कमरों में पढ़ाई करें। इसके अलावा नए छात्रों के कमरों में पूर्व छात्र तो नहीं आते-जाते हैं। रैगिंग की घटना होने पर सरकारी जांच दल छात्रों सहित प्रशासन की जिम्मेदारी को भी परखेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed