NEET 2017: रिमोट एरिया के डॉक्टरों को मिलने वाले बोनस अंक पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरूवार को रिमोट एरिया में काम कर रहे डॉक्टरों को NEET-2017 परीक्षा में मिलने वाले बोनस मार्क के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की अर्जी मान ली है। उच्चलम न्यायालय शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगा। अमित बागरा और अन्य डॉक्टरों ने मिलकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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7 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट के एक आदेश में रिमोट एरिया में काम करने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों को NEET-2017 परीक्षा में 10% अंकों का फायदा देने की बात कही थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस खेहर, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और एस के कौल की बेंच कर रही थी, जिन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के ऑर्डर को खत्म करने की बात की थी।
याचिका में ये बताया गया है कि, "ये सभी को पता है कि एक बार चयन प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता है।"
याचिका पक्ष के वकील जसमीत सिंह ने बताया कि, "इस याचिका पर जो सुनवाई होगी वो पीजी मेडिकल कॉलेजों में चयन प्रक्रिया के नियम तय करेगी। जिसका दूरगामी प्रभाव होगा और दूसरे राज्यों के लिए भी कानूनी नियम के रूप में काम करेगा।"
जजों की बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले पर 7 अप्रैल को सुनवाई करेगी। अपील ने अपनी याचिका में इस बात का जिक्र किया था कि आदेश "रिमोट एरिया" को डिफाइन किए बिना ही जारी कर दिया गया था। उच्चतम न्यायालय से यह अनुरोध किया गया है कि रिमोट एरिया का मतलब अच्छे से परिभाषित किया जाए ताकि मेडिकल सर्विस में लगे लोगों को इन एरिया में काम करने का मौका मिल सके और वो इसका फायदा उठा सकें।
आपको बता दें आज ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में उर्दू को भी एक भाषा के रूप में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश जारी किया है।
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