{"_id":"590958544f1c1b4a63441167","slug":"high-court-orders-cbse-to-take-steps-to-stop-selling-of-school-dress-and-other-things-in-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में यूनिफॉर्म-किताबें बेचना रोके सीबीएसई: हाईकोर्ट ","category":{"title":"Career Plus","title_hn":"करियर प्लस","slug":"career-plus"}}
स्कूलों में यूनिफॉर्म-किताबें बेचना रोके सीबीएसई: हाईकोर्ट
amarujala.com- Presented by: शिवेन्दु शेखर
Updated Thu, 04 May 2017 11:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने सीबीएसई को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि उनके द्वारा मान्यता प्राप्त राजधानी के किसी भी स्कूल में किताब, कॉपी व वर्दी के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां न हो।
विज्ञापन
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा की खंडपीठ ने कहा कि सीबीएसई यह तय करे कि किसी भी स्कूल परिसर के अंदर यूनिफॉर्म व किताबें न बेची जाएं। अदालत ने सीबीएसई को स्वयं इस मुद्दे पर जारी सर्कुलर को सख्ती से लागू करवाने को कहा है।
विज्ञापन
पेश मामले में सामाजिक कार्यकर्ता सुनील पोखरियाल ने याचिका दायर कर तर्क रखा था कि अभिभावक कहीं से भी किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। बावजूद अधिकांश स्कूलों में किताबें और यूनिफॉर्म मार्केट से महंगी दरों पर बेची जा रही है।
विज्ञापन
उदाहरण के तौर पर जो जूते की जोड़ी बाजार में 500 रुपये में मिलती है, स्कूल में वह 1500 रुपये में बेची जा रही है। ऐसे में अदालत स्कूलों में व्यावसायिक गतिविधि रोकने के लिए उचित निर्देश जारी करे। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार किताबें व कॉपियां काफी ऊंची दरों पर बेची जाती हैं।
स्कूल प्रशासन अभिभावकों को स्कूल में बनी दुकानों से ही सभी सामान खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। अदालत ने इस याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि 21 फरवरी 2011 को इस बारे में सीबीएसई ने एक नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार, कहा गया था कि उनसे मान्यता प्राप्त कोई भी स्कूल अपने परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर सकता।
कमेंट
कमेंट X