फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Career Plus ›   Feeling Pressured at Work? Experts Recommend Running for Calm and Focus

Stress Relief: क्या बढ़ रहा है काम का दबाव? ऐसे पाएं मानसिक सुकून; एक्सपर्ट ने बताया सरल और असरदार तरीका

Thu, 15 Jan 2026 01:25 PM IST
शाहीन परवीन केट ब्लैक, प्रोफेसर नॉर्थम्ब्रिया यूनिवर्सिटी
केट ब्लैक, प्रोफेसर नॉर्थम्ब्रिया यूनिवर्सिटी Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 15 Jan 2026 01:25 PM IST
सार

Mental Clarity: जब काम का दबाव बढ़ने लगे, तो दिनचर्या में दौड़ जैसी हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियां शामिल करने से मन शांत रहता है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है।

विज्ञापन
Feeling Pressured at Work? Experts Recommend Running for Calm and Focus
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik.com

विस्तार

Daily Routine: आज का कामकाजी जीवन लगातार दबाव से भरता जा रहा है। कार्यस्थल पर हमसे अपेक्षा की जाती है कि हम ज्यादा काम कम समय में करें और बिना गलती के करें। ऐसे में काम न केवल थकान देता है, बल्कि आत्मसम्मान को भी प्रभावित करता है। यह साफ संकेत है कि कार्यस्थल की संस्कृति में बदलाव आवश्यक है। लेकिन जब तक यह बदलाव होता है, तब तक दौड़ना एक सरल और प्रभावी समाधान बन सकता है। दौड़ना हमें काम की पहचान से बाहर एक नई पहचान देता है। 

विज्ञापन


यह शरीर में खुशी देने वाले हार्मोन (एंडोर्फिन) बढ़ाता है और तनाव पैदा करने वाले हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) को कम करता है। दौड़ने से मन हल्का होता है, सोच स्पष्ट होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और दिनचर्या में अनुशासन आता है। शरीर स्वस्थ रहता है, जिससे लंबे समय तक काम के दबाव को झेलने की क्षमता भी विकसित होती है। रोज की दस मिनट की दौड़ भी फर्क दिखा सकती है, और नियमित अभ्यास से तनाव के प्रति मजबूत मानसिक सहनशीलता बनती है।

विज्ञापन

एंडोर्फिन सक्रिय होते हैं

दौड़ने से शरीर में एंडोर्फिन जैसे खुशी देने वाले हार्मोन सक्रिय होते हैं, जिससे अच्छा महसूस होता है, जिसे 'रनर हाई' कहा जाता है। यह तनाव नियंत्रित करने वाले हार्मोन बढ़ाता है और कोर्टिसोल को संतुलित रखता है। साथ ही, यह आपकी मनोदशा, नींद और तनाव से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाता है।

मानसिक स्पष्टता मिलती है

दौड़ने से दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे मन शांत होता है, ध्यान केंद्रित करना आसान होता है और विचार व्यवस्थित होते हैं। इससे आप चीजों को सही नजरिये से देख पाते हैं। दौड़ते समय चिंता कम होती है और आप 'सजग दौड़' का आनंद ले पाते हैं, यानी आप अपने कदमों पर ध्यान दे सकते हैं या समस्याओं पर सोच सकते हैं। दौड़ पूरी करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ती है, जिसका फायदा काम में भी मिलता है। यह नकारात्मक विचारों के चक्र को तोड़ता है और भावनाओं को समझने व आत्मनिरीक्षण करने का मौका देता है।

विज्ञापन

व्यवस्थित दिनचर्या

यह आपके शरीर के तंत्रों (हृदय, प्रतिरक्षा प्रणाली) को तनाव में एक साथ काम करने का अभ्यास करने में मदद करता है, जिससे तनाव के हानिकारक प्रभावों से बचाव होता है। नियमित दौड़ने से आराम की स्थिति में हृदय गति और रक्तचाप कम होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। दौड़ने की नियमित दिनचर्या बनाने से आपका दिन और जीवन दोनों अधिक व्यवस्थित और अनुशासित हो जाते हैं।

छोटी शुरुआत करें

केवल दस मिनट की हल्की दौड़ भी दिमाग को तुरंत तरोताजा कर देती है। इससे मनोदशा बेहतर होती है और ध्यान केंद्रित करना आसान हो जाता है। रोजाना 20-30 मिनट दौड़ने की आदत डालना फायदेमंद है। दौड़ते समय सुकून और उपलब्धि की भावना को महसूस करें, जो दौड़ पूरी करने से मिलती है। समूह में दौड़ना फायदेमंद है,
लेकिन अत्यधिक प्रतिस्पर्धा से बचें।

- द कन्वर्शेसन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed