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68,500 सहायक अध्यापक भर्ती, बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन को चुनौती

Fri, 06 Apr 2018 01:37 AM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 06 Apr 2018 01:37 AM IST
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68500 Assistant Teacher Recruitment, Amendment to Basic Education Manual Challenge in high court

बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त सहायक अध्यापकों के सभी पद भरने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए इसी वर्ष नवंबर तक फिर से 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि मार्च 2019 तक विभाग में सहायक अध्यापकों के सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे। 

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इसी बीच बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में किए गए 22 वें संशोधन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। नियमावली में हुए 20वें संशोधन का मामला पहले से हाईकोर्ट में लंबित है।
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अनिल कुमार वर्मा और अन्य की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि सहायक अध्यापकों की भर्ती हेतु टीईटी के अलावा एक और लिखित परीक्षा कराना अवैधानिक और औचित्यहीन है। याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने इस मामले को 9 अप्रैल को अन्य लंबित याचिकाओं के साथ सुनवाई हेतु प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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याची के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक 20 वें और 22 वें संशोधनों से केंद्रीय अधिनियमों का उल्लंघन हो रहा है। उनका कहना है कि नियमावली में किया गया संशोधन सुप्रीमकोर्ट के 25 जुलाई 2017 के आदेश का उल्लंघन है। सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षा मित्रों को दो अवसर देने का आदेश दिया है। इसलिए इन दो भर्तियों को पूर्व की नियमावली के तहत ही कराना होगा। इसके बाद ही कोई नया नियम लागू किया जा सकता है।


अधिवक्ता का कहना है कि संशोधन सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद लाया गया है इसलिए इसका भूतलक्षी प्रभाव नहीं हो सकता है। मौजूदा समय में एक लाख 37 हजार भर्तियां रिकार्ड पर स्वीकृत हैं जबकि अर्हताधारी दावेदारों की संख्या इससे काफी कम है। इसलिए लिखित परीक्षा कराने का कोई आधार या औचित्य नहीं है। मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।

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