Budget 2022: बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी और 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा, जानें शिक्षा एवं रोजगार क्षेत्र को और क्या मिला?
Union Budget 2022-23 Big Announcement For Education Jobs Skill Development Sector : बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा जगत, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कई बड़ी एवं अहम घोषणाएं कीं।
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Union Budget 2022: संसद में मंगलवार, एक फरवरी, 2022 को आगामी वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा जगत, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कई बड़ी एवं अहम घोषणाएं कीं। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा किया है। सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हमने 14 विभिन्न सेक्टर में उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए हैं। इससे देश में करीब 60 लाख नई नौकरियां सृजित हो पाएंगी।
बजट भाषण में शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जुड़ी प्रमुख बातें -
- आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख नौकरियां दी जाएंगी।
- वहीं, मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी।
- कौशल विकास कार्यक्रमों का नई सिरे से शुरू किया जाएगा, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
- नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन प्रोग्राम उद्योगों की जरूरत के अनुसार बनाया जाएगा।
- राज्यों में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों को भी जरूरत के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा।
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- देश के विभिन्न इलाकों में स्कूली बच्चों की पढ़ाई के दो साल महामारी के कारण बर्बाद हुए हैं।
- डीटीएच प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना के तहत एक चैनल एक क्लास योजना को 12 से 200 टीवी चैनल योजना तक बढ़ाया जाएगा।
- कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों को उनकी क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी, ताकि डिजिटल टूल्स को बेहतर उपयोग कर सकें।
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- सभी भारतीय भाषाओं में टीवी, इंटरनेट, रेडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिये गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शिक्षकों को ई-कंटेंट मिल सके।
- शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।
- पांच शीर्ष शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया जाएगा।
- इन्हें 25 हजार करोड़ का विशेष फंड दिया जाएगा।
- एआईसीटीई इन संस्थानों के लिए फैकल्टी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की देखरेख करेगा।
- दो लाख आंगनबाड़ी को अपग्रेड किया जाएगा।
‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा प्रदान करने वाले स्टार्ट-अप को बढ़ावा
विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के माध्यम से ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा प्रदान करने और ड्रोन-एएस-ए-सर्विस (डीआरएएएस) के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी राज्यों के चुनिंदा आईटीआई संस्थानों में कौशल विकास के लिए अपेक्षित पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे।
आरक्षित वर्ग के छात्रों को विशेष योजना
महामारी से बाध्य होकर स्कूलों को बंद किए जाने के कारण हमारे बच्चे, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले और जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़े वर्गों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को अनुपूरक शिक्षण और शिक्षा हेतु एक उत्थानशील तंत्र तैयार किया जाएगा।
यूनिवर्सिटी पाठ्यक्रम में बदलाव
रोजगार और आम लोगों की दिक्कतों के समाधान को देखते हुए अब यूनिवर्सिटी पाठ्यक्रम में निरंतर बदलाव हेगा। इसमें खास तौर एग्रीक्लचर यूनिवर्सिटी का पाठ्यक्रम है। रिजल्ट ओरिएंटेड किए जाएंगे।
एआईसीटीई को विशेष अधिकार व ताकत
बजट में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) को ताकत और अधिकार दिए गए हैं। एआईसीटीई अर्बन प्लैनिंग कोर्सेज का विकास करेगा और नेचुरल, ज़ीरो-बजट ऑर्गेनिक फार्मिंग और मॉर्डन डे एग्रिकल्चर के लिए सिलेबस में बदलाव भी करेगा।
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