फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   birthday special sardar vallabhbhai patel know about these important things

सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में पास की हाईस्कूल, उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें पढ़ें यहां

Thu, 31 Oct 2019 10:14 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Thu, 31 Oct 2019 10:14 AM IST
विज्ञापन
birthday special sardar vallabhbhai patel know about these important things
सरदार पटेल

उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में पहचाने जाने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती आज यानी 31 अक्टूबर को पूरा देश मना रहा है। आजादी से पहले हमारा देश छोटे-छोटे 562 देशी रियासतों में बंटा था। वे सरदार पटेल ही थे जो इन छोटे रियासतों का विलय करवा भारत को एकता के सुत्र में पिरोया था। 

विज्ञापन


बता दें, 31 अक्टूबर 1875 को सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म गुजरात के नडियाद (ननिहाल) में हुआ। उनका पैतृक निवास स्थान गुजरात के खेड़ा के आनंद तालुका में करमसद गांव था। वे अपने पिता झवेरभाई पटेल तथा माता लाडबा देवी की चौथी संतान थे। उनका विवाह 16 साल की उम्र में झावेरबा पटेल से हुआ। 
विज्ञापन


आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिस उम्र में आज के युवा नौकरी और अपनी उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ रहे होते हैं, उस उम्र में सरदार पटेल ने दसवीं की परीक्षा पास की थी। सरदार पटेल ने 22 साल की उम्र में हाईस्कूल पास किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन




सरदार पटेल 5 जनवरी 1917 को पहली बार अहमदाबाद नगर निगम के दरियापुर सीट से पार्षद ( जिस चुनाव को उन्होंने एक वोट से जीता) और 1924 में वो अहमदाबाद नगर निगम के मेयर चुने गए थे।

देश मे तीसरी लैब साहीबॉग में बनाई गई। ये भी पटेेल के कारण ही मुमकिन हुआ। आजादी से पहले भारत में जन स्वास्थ्य से संबंधित केवल दो ही लैब कराची और पुणे में थे। सरदार पटेल को यह महसूस हुआ कि इसी तरह के कुछ और लैब्स होने चाहिए जो बीमारियों का पता लगा सके और पानी के गुणों की जांच कर सके।


सरदार पटेल ने सबसे पहले गुजराती भाषा में टाइपिंग करने के लिए टाईपराइटर की व्यवस्था कराई और फिर अहमदाबाद नगर निगम ने रेमिंगटन कंपनी को 4000 रुपए दिए ताकि गुजराती भाषा में टाईपराइटर बनाया जा सका।

उन्होंने उस समय के प्रसिद्ध वकील जिन्ना की मदद ली, जब अहमदाबाद नगर निगम के 18 सभासदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। 28 अप्रैल 1922 को फंड्स के दुरुपयोग का मामला अहमदाबाद जिला कोर्ट में दर्ज की गई तो उन्होंने खुद का बचाव उम्दा तरीके से किया लेकिन 1923 में मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में चला गया वहां जिन्ना ने अपने वकीलों के साथ सरदार पटेल का केस लड़ा और फिर जीता।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed