फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   BEd curriculum being revised, Know major changes and plans proposed by NCTE

40 साल बाद बदल रहा है बीएड का पाठ्यक्रम, जानें क्या होंगे बड़े बदलाव

Wed, 31 Jul 2019 11:52 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Wed, 31 Jul 2019 11:52 AM IST
विज्ञापन
BEd curriculum being revised, Know major changes and plans proposed by NCTE
- फोटो : अमर उजाला

चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कोर्स लॉन्च करने के बाद अब बीएड के पाठ्यक्रम के बदलाव की तैयारी है। करीब 40 साल बाद नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) कुछ बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है। इसके तहत काउंसलिंग को महत्वपूर्ण विषय के रूप में बीएड के पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं एनसीटीई जल्द ही काउंसलिंग में विशेष बीएड कोर्स की शुरुआत भी कर सकता है। ऐसे ही कई और बदलावों की भी योजना पर काम हो रहा है, जिनका बीएड करने वालों पर असर होगा। इनके बारे में आगे पढ़ें...

विज्ञापन

एनसीटीई अध्यक्ष ने बताया- क्यों और क्या होंगे बदलाव

  • नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) की चेयरपर्सन सतबीर बेदी के अनुसार, नई पीढ़ी के स्टूडेंट्स में तनाव व ऐसी अन्य मानसिक समस्या जल्दी हो जाती है। इनसे निपटने और छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुलझाने के लिए हमें इस कार्य में प्रशिक्षित लोगों की जरूरत है। स्कूल और कॉलेज दोनों स्तरों पर। अभी जो बीएड कोर्स चलाए जा रहे हैं, उनमें शिक्षकों में काउंसलिंग स्किल विकसित करने का प्रावधान नहीं है। हम जल्द ही बीएड इन काउंसलिंग कोर्स भी लाएंगे।
  • बीएड इन काउंसलिंग कोर्स देशभर के करीब 18 हजार संस्थानों में शुरू किए जाएंगे।
  • जिन अभ्यर्थियों ने साइकोलॉजी या इससे संबंधित पढ़ाई की होगी, वे बीएड इन काउंसलिंग के लिए योग्य होंगे।
मॉडल बीएड कॉलेज
सतबीर बेदी ने बताया है कि एनसीटीई हर जिले में एक मॉडल बीएड कॉलेज बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। यह मॉडल कॉलेज जिले के अन्य कॉलेजों के लिए आदर्श उदाहरण पेश करने का काम करेगा। उनका मार्गदर्शन करेगा। ऐसे करीब 700 कॉलेज बनाए जाएंगे जिनमें 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों को प्रशिक्षण मिल सकेगा।

ये भी पढ़ें : अच्छी खबर: अब कर सकेंगे चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स, इसी सत्र से मिलेगा मौका

विदेशों में बीएड की शिक्षा
आने वाले समय में बीएड स्टूडेंट्स को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का भी अवसर मिलेगा। सतबीर बेदी के अनुसार, इससे स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। जैसे दुनिया के कई देशों में सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल संचालित हो रहे हैं, उसी तरह हम चाहते हैं कि एनसीटीई से मान्यता प्राप्त बीएड कॉलेज भी विदेशों में शिक्षा देने का काम करें। इसके तहत स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम भी चलाए जा सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर साल कितने लोग बीएड करते हैं और कितने शिक्षकों की जरूरत?

एनसीटीई चेयरपर्सन सतबीर बेदी के अनुसार, देश में हर साल करीब 19 लाख विद्यार्थी / शिक्षक बीएड पास करते हैं। जबकि हमारे देश में सिर्फ तीन लाख शिक्षकों की जरूरत है। डिमांड और सप्लाई में बड़ा अंतर है। इस अंतर को जल्द से जल्द कम करना काउंसिल की जरूरत है।

क्या है एनसीटीई वेब पोर्टल
बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी हाल में ही एनसीटीई वेब पोर्टल लॉन्च किया है। यहां टीचर एजुकेशन से जुड़े डिप्लोमा, सर्टिफिकेट व डिग्री के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच हो सकेगी। जो स्टूडेंट्स बीएड या टीचिंग कोर्स कर रहे हैं, उन्हें अब दस्तावेजों के लिए एनसीटीई कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। ये चीजें अब उन्हें इस वेब पोर्टल के जरिए मिल जाएंगी।

ये भी पढ़ें : थ्री इडियट्स के 'फुंगसुक वांगड़ू' के सुझाव, जिन्हें सरकार मान ले तो सुधर जाएगी देश की शिक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed