खुशखबर: मोदी सरकार की हरी झंडी, अब इन 13 भाषाओं में होगी बैंकिंग परीक्षा
बैंकिंग की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब बैंकिंग की परीक्षा में आपके साथ भाषाओं के चयन की पहले जैसी बाध्यता नहीं रहेगी। आपको हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी परीक्षा देने का मौका मिल सकेगा। बैंकिंग की परीक्षाएं अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी आयोजित की जाएंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा की है। दरअसल, दक्षिणी राज्यों के कई सांसद यह मांग कर रहे थे कि बैंकिंग की परीक्षाएं हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी आयोजित की जानी चाहिए। गुरुवार, 04 जुलाई 2019 को लोकसभा सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसदों की इस मांग को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।
सीतारमण ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर भी युवाओं को रोजगार के बराबर अवसर देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) द्वारा आयोजित रीजनल रूरल बैंक्स (RRBs) की स्केल-1 और ऑफिस असिस्टेंट परीक्षाएं अब 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी होंगी। ये भाषाएं हैं - बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू, ऊर्दू और असमी।
Examination for Regional Rural Banks to be conducted in 13 regional languages: Smt @nsitharaman@PIB_India @MIB_India @BJPLive pic.twitter.com/eutp9Vp1BI
— NSitharamanOffice (@nsitharamanoffc) July 4, 2019
गौरतलब है कि हाल में बैंक परीक्षाओं को क्षेत्रीय भाषाओं में कारने की मांग ट्विटर पर भी ट्रेंड हो रही थी। बड़ी संख्या में छात्र इसकी मांग कर रहे थे। केवल हिन्दी और अंग्रेजी में परीक्षाएं आयोजित होने से क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता था।
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