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Hindi News ›   Education ›   Assam to file case against Meghalaya varsity VC for wrongly obtaining OBC certificate 32 years ago

असम: कुलपति ने 32 साल पहले कथित तौर पर धोखाधड़ी से लिया था ओबीसी प्रमाण पत्र, अब सरकार करेगी मामला दर्ज

Wed, 28 Aug 2024 09:13 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Wed, 28 Aug 2024 09:13 PM IST
सार

Assam: असम सरकार यूएसटीएम विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ 32 साल पहले गलत तरीके से ओबीसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए मामला दर्ज करेगी। कुलपति ने 1992 में ओबीसी से संबंधित होने का दावा करते हुए एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। 
 

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Assam to file case against Meghalaya varsity VC for wrongly obtaining OBC certificate 32 years ago
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

USTM Assam: असम सरकार मेघालय के एक निजी विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ 32 साल पहले राज्य के करीमगंज जिले से कथित तौर पर धोखाधड़ी से ओबीसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए मामला दर्ज करेगी। इस बात की जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दी है।

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सरमा ने बुधवार को कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय (यूएसटीएम) के कुलपति महबूबुल हक ने 1992 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित होने का दावा करते हुए एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। हालांकि, उसी वर्ष एक शिकायत के आधार पर, अगस्त 1996 में ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया था क्योंकि यह पाया गया था कि हक किसी भी समुदाय से संबंधित नहीं थे।
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उन्होंने कहा, "करीमगंज के जिला आयुक्त को तब उनके खिलाफ कार्यवाही शुरू करनी चाहिए थी। हालांकि, तब ऐसा नहीं किया गया लेकिन अब हम हक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे।"
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इस महीने की शुरुआत में, सरमा ने यूएसटीएम और इसके मालिक और वीसी हक को गुवाहाटी के खिलाफ 'बाढ़ जिहाद' के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसमें दावा किया गया था कि संस्थान ने अपने परिसर में पहाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे गुवाहाटी में बड़े पैमाने पर जलभराव हुआ है। यह विश्वविद्यालय शहर से सटे एक पहाड़ी पर स्थित है।

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