ASER Report: स्कूल न जाने वाली लड़कियों रेशो रिकॉर्ड दो फीसदी तक गिरा; यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़ में चिंताजनक
ASER Report: रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महामारी के दौरान लंबे समय तक बंद रहने के बावजूद 2018 के बाद से सरकारी स्कूलों में नामांकन में तेजी के साथ स्कूल नामांकन के आंकड़े बढ़े हैं।
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Annual Status of Education Report: शिक्षा की वार्षिक स्थिति पर बुधवार को जारी रिपोर्ट (ASER) एएसईआर 2022 के अनुसार भारत में स्कूल न जाने वाली लड़कियों का अनुपात 2022 में अब तक के सबसे निचले स्तर दो प्रतिशत पर आ गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि समग्र गिरावट के बावजूद, तीन राज्य - मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ 10 फीसदी से अधिक लड़कियों के स्कूल से बाहर होने के कारण चिंता का विषय थे।
स्कूल न जाने वाली लड़कियों का कुल अनुपात 2018 में 4.1 फीसदी और 2006 में 10.3 फीसदी था। यह और भी गंभीर है क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर अब 15 से 16 आयु वर्ग की बड़ी लड़कियों की संख्या कम है जो स्कूल से बाहर हैं। हालांकि, चिंता का कारण तीन राज्य हैं, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़, जो अभी भी अधिक हैं। यहां इस आयु वर्ग की 10 फीसदी से अधिक लड़कियां स्कूलों से बाहर हैं।
ASER Report: 19060 गांवों का सर्वेक्षण किया गया
ASER के नवीनतम अध्ययन में भारत में कुल 19,060 गांवों का सर्वेक्षण किया गया है जिसमें 3,74,544 परिवार और तीन से 16 वर्ष की आयु के 6,99,597 बच्चे शामिल हैं। 2006 में, 11-14 आयु वर्ग की स्कूल से बाहर लड़कियों के प्रतिशत के लिए राष्ट्रीय आंकड़ा 10.3 फीसदी था, जो अगले दशक 2018 में गिरकर 4.1 फीसदी हो गया और यह अनुपात लगातार गिरना जारी है। चार साल बाद 2022 में, 11-14 आयु समूह के तहत स्कूल न जाने वाली लड़कियों का आंकड़ा दो प्रतिशत है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश में लगभग चार प्रतिशत है और अन्य सभी राज्यों में कम है।
ASER Report: तीन राज्यों में 10 फीसदी से अधिक लड़कियां स्कूल से दूर
रिपोर्ट में कहा गया है कि 15-16 आयु वर्ग की बड़ी लड़कियों में स्कूलों में नामांकित लड़कियों के अनुपात में कमी और भी ज्यादा है। 2008 में, राष्ट्रीय स्तर पर, 15-16 आयु वर्ग की 20 प्रतिशत से अधिक लड़कियों का स्कूल में नामांकन नहीं हुआ था। 10 साल बाद, 2018 में, यह आंकड़ा घटकर 13.5 प्रतिशत था और 2022 में 7.9 प्रतिशत रह गया। यह केवल तीन राज्यों में 10 फीसदी से अधिक है। इनमें मध्य प्रदेश में 17 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 15 फीसदी और छत्तीसगढ़ में 11.2 फीसदी है।
ASER Report: सरकारी स्कूलों में नामांकन में तेजी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महामारी के दौरान लंबे समय तक बंद रहने के बावजूद 2018 के बाद से सरकारी स्कूलों में नामांकन में तेजी के साथ स्कूल नामांकन के आंकड़े बढ़े हैं। वर्तमान में छह से 14 वर्ष के आयु वर्ग के नामांकित नहीं बच्चों का अनुपात 2018 में देखे गए अनुपात से लगभग आधा है और शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद से दशक में सबसे कम है।
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