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Hindi News ›   Education ›   Arts and Commerce students can pursue BSc Nursing course after proposal gets govt nod

...तो आर्ट्स और कॉमर्स के विद्यार्थी भी कर सकेंगे BSc की पढ़ाई

Fri, 03 Jan 2020 03:15 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 03 Jan 2020 03:15 PM IST
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Arts and Commerce students can pursue BSc Nursing course after proposal gets govt nod
Students (File Photo) - फोटो : amar ujala

अब तक की शैक्षणिक व्यवस्था में प्रावधान है कि अगर आपने 12वीं में आर्ट्स या कॉमर्स की पढ़ाई की है, तो स्नातक के पाठ्यक्रमों में साइंस में दाखिला नहीं ले सकते। लेकिन आने वाले समय में आपको ये मौका भी मिल सकता है। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। अगर ये प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो विज्ञान (Science) के अलावा कला और वाणिज्य (Arts and Commerce) से 12वीं की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी बीएससी नर्सिंग (BSc Nursing) पाठ्यक्रम में दाखिला लेने का मौका मिलेगा।

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इसके लिए भारतीय नर्सिंग परिषद (Indian Nursing Council) ने प्रस्ताव तैयार किया है। परिषद ने इस प्रस्ताव पर लोगों से प्रतिक्रियाएं और सुझाव भेजने के लिए भी कहा है। प्रतिक्रिया व सुझाव 24 जनवरी 2020 तक ईमेल के जरिए भेजे जा सकते हैं।
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गौरतलब है कि अब तक बायोलॉजी विषय के साथ 12वीं की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ही इस पाठ्यक्रम में दाखिला पाने के योग्य हैं। 

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कैसा है बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम

बीएससी नर्सिंग चार साल का डिग्री प्रोग्राम है। ये कुल आठ सेमेस्टर्स में बंटा होता है। इसमें विद्यार्थियों को पंजीकृत नर्स बनने के लिए तैयार किया जाता है। इस कोर्स के बाद विद्यार्थी निजी या सरकारी अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्स की सेवा देने के योग्य हो जाते हैं।



बता दें कि परिषद ने पिछले साल ही नर्सिंग (bsc nursing) के लिए एकल स्तर की प्रवेश प्रक्रिया लागू करने का फैसला किया था। इसके लिए जेनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) प्रोग्राम को खत्म करने का भी फैसला किया गया था। जीएनएम एक डिप्लोमा कोर्स है जबकि बीएससी नर्सिंग चार साल का डिग्री कोर्स। परिषद का कहना है कि नर्सिंग की शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है।

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परिषद के निर्णय के अनुसार, जीएनएम कोर्स में साल 2021 से दाखिले बंद हो जाएंगे। फिलहाल देशभर में करीब 3,215 जीएनएम संस्थान चल रहे हैं, जिनमें से हर साल करीब 1.2 लाख विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करते हैं।

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