APPSC Paper Leak: एपीपीएससी पेपर लीक मामला सीबीआई पहुंचा, आयोग के अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस
APPSC Paper Leak: सीबीआई ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के अनुरोध पर अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) के एक व्यक्ति और अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ सहायक अभियंता (सिविल) परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में केस दर्ज किया है।
विस्तार
APPSC Question Paper Leak Case: अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) के बहुचर्चित पेपर लीक मामला अब सीबीआई के पास पहुंच गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जानकारी दी कि एजेंसी ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के अनुरोध पर अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) के एक व्यक्ति और अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ सहायक अभियंता (सिविल) के पद के लिए आयोजित परीक्षा प्रश्न पत्र के कथित लीक से संबंधित मामले में केस दर्ज किया है।
कैबिनेट ने एपीपीएससी सदस्यों को हटाने की सिफारिश की
इस संबंध में गुरुवार को अरुणचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य सेवा आयोग (एपीपीएससी) के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों को लागू करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिशों को राज्यपाल बीडी मिश्रा को सौंप दिया, ताकि पेपर लीक मामले में इसके सदस्यों को हटाया जा सके। इससे पहले राज्य मंत्रिमंडल ने एपीपीएससी परीक्षा पेपर लीक गड़बड़ी से संबंधित मामलों पर चर्चा करने के लिए दिन में बैठक की थी।
Central Bureau of Investigation has registered a case on the request of Govt of Arunachal Pradesh against a person & unknown officials of Arunachal Pradesh Public Service Commission (APPSC) related to alleged leakage of question paper for post of Assistant Engineer (Civil): CBI pic.twitter.com/pkPheKTxvp
— ANI (@ANI) October 27, 2022
अगस्त में हुई थी एपीपीएससी सहायक अभियंता (सिविल) मुख्य परीक्षा
अगस्त में एपीपीएससी द्वारा आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) मुख्य परीक्षा के लिए एक प्रश्न पत्र के कथित लीक के मामले में हालिया गिरफ्तारी के साथ, अब तक छह से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जेरांग के अलावा, चार अन्य को पहले गिरफ्तार किया गया था, जिनमें एक कोचिंग संस्थान के शिक्षक अखिलेश यादव, एक उम्मीदवार थॉमस गादुक, उसके पिता तान्यांग गादुक, सियांग जिले में स्कूली शिक्षा के उप निदेशक के कार्यालय में मुख्य सहायक और बिचौलिया तमा सरोह शामिल थे।
बिचौलिए ने उप परीक्षा नियंत्रक को रिश्वत दी थी
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि उम्मीदवार के पिता ने 2021 में अपने बेटे के लिए मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र की खरीद के लिए बिचौलिए से संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि बिचौलिए ने उप परीक्षा नियंत्रक को रिश्वत दी थी और परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र अवैध रूप से खरीदे गए थे और उम्मीदवार को दिए गए थे। जांच के दौरान यह पाया गया कि सीलबंद प्रश्न-पत्र की नकल उप परीक्षा नियंत्रक ने की थी और बिचौलिए के माध्यम से अभ्यर्थी को भेज दी गई थी। इसके बाद उम्मीदवार ने प्राप्त प्रश्न पत्र के उत्तरों के लिए शिक्षक से साझा किया। शिक्षक ने एक अन्य छात्र को भी सवाल बताए थे।
43 लाख रुपये नकद में हुई थी डील
उसी छात्र ने परीक्षा के दो दिन बाद 29 अगस्त को पुलिस में कथित प्रश्न पत्र लीक होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच की गई और 10 सितंबर को रिपोर्ट एसपी कार्यालय को सौंपी गई। बाद में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि बिचौलिए को मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र की खरीद के लिए 2021 में उम्मीदवार के पिता द्वारा 43 लाख रुपये नकद का भुगतान किया गया था। बिचौलिए ने परीक्षा उप नियंत्रक को 15 लाख रुपये दिए थे और बाकी अपने पास रख लिए थे। एसपी ने कहा कि दोनों ने संपत्ति में पैसा लगाया था।
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