AKTU: बीटेक और बीआर्क में दाखिले के लिए 7 चरणों में होगी काउंसलिंग; JEE, CUET और 12वीं वालों को मिलेगा दाखिला
UPTAC 2025 Counselling: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बीटेक और बीआर्क में प्रवेश हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। पहला चरण 24 जुलाई से शुरू होगा, जब ऑनलाइन चॉइस फिलिंग और सीट लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो 28 जुलाई तक चलेगी।
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पहला चरण 24 जुलाई से शुरू होगा, जब ऑनलाइन चॉइस फिलिंग और सीट लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो 28 जुलाई तक चलेगी। सीट कंफर्मेशन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 1 अगस्त है।
AKTU से संबद्ध 300+ इंजीनियरिंग संस्थानों में बीटेक और बीआर्क पाठ्यक्रमों के लिए यह प्रक्रिया UPTAC पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी।
UPTAC 2025 Counselling: विशेष तिथियां
| चरण | प्रमुख गतिविधियां | तिथियां |
|---|---|---|
| चरण 1 | चॉइस फिलिंग व सीट लॉक | 24 – 28 जुलाई |
| चरण 2 | सीट अलॉटमेंट | 5 अगस्त |
| चरण 3 | चॉइस फिलिंग | 8 – 9 अगस्त |
| चरण 4 | ऑटो फ्रीज + रिपोर्टिंग | 13 – 21 अगस्त |
| चरण 5 | इंटरनल स्लाइडिंग | 22 – 23 अगस्त |
| चरण 6 | स्पेशल राउंड 1 | 24 – 27 अगस्त |
| चरण 7 | स्पेशल राउंड 2 | 28 अगस्त – 2 सितंबर |
UPTAC 2025 Counselling: 7 चरणों में होगी काउंसलिंग
एकेटीयू की बीटेक और बीआर्क काउंसलिंग प्रक्रिया में पहले चार चरणों की काउंसलिंग JEE Main की मेरिट के आधार पर की जाएगी। इसके बाद, पांचवां चरण केवल इंटरनल स्लाइडिंग के लिए आरक्षित रहेगा, जिसमें पहले से एडमिट छात्रों को अपने विकल्प बदलने का अवसर मिलेगा। वहीं छठा और सातवां चरण स्पेशल राउंड के रूप में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें न केवल JEE और CUET UG के स्कोर वाले, बल्कि 12वीं (इंटरमीडिएट) पास अभ्यर्थियों को भी पंजीकरण और दाखिले का मौका दिया जाएगा। यह व्यवस्था अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर देने के उद्देश्य से की गई है।
कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय का कहना है कि AKTU का उद्देश्य है कि योग्य छात्रों को उनकी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया से प्रवेश दिलाया जाए।
चॉइस फिलिंग क्या है?
काउंसलिंग में पंजीकरण के बाद छात्र अपनी वरीयताओं के आधार पर कॉलेज और कोर्स का चयन करते हैं, जिसे चॉइस फिलिंग कहा जाता है। इसके बाद यूनिवर्सिटी मेरिट और उपलब्धता के आधार पर सीट अलॉट करती है।
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