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Hindi News ›   Education ›   Ajit Pawar slams opposition to Hindi in schools, says Marathi will remain top priority

Ajit Pawar: अजित पवार ने स्कूलों में हिंदी के विरोध की निंदा की, कहा मराठी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी

Fri, 18 Apr 2025 12:47 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 18 Apr 2025 12:47 PM IST
सार

Marathi: उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने महाराष्ट्र के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे दलों की कड़ी आलोचना की है।  

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Ajit Pawar slams opposition to Hindi in schools, says Marathi will remain top priority
अजित पवार - फोटो : ANI

विस्तार

Marathi: उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाए जाने के फैसले का विरोध कर रहे दलों की कड़ी आलोचना की है।  

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य के मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाए जाने के निर्णय का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों की आलोचना की है।
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उन्होंने कहा कि जो लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वे केवल "वास्तविक मुद्दों के अभाव में अनावश्यक विवाद" खड़ा कर रहे हैं। 

मराठी को हमेशा मिलेगी प्राथमिकता: पवार

पवार ने शुक्रवार को पिंपरी चिंचवाड़ में चापेकर बंधुओं को समर्पित एक राष्ट्रीय स्मारक के उद्घाटन के अवसर पर कहा, "मराठी हमारी मातृभाषा है और राज्य में इसे हमेशा पहली प्राथमिकता दी जाएगी।"

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आलोचकों पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा, "कुछ लोग हिंदी भाषा को लेकर विवाद इसलिए पैदा कर रहे हैं क्योंकि उनके पास करने के लिए और कुछ नहीं है। पूरे देश में अंग्रेजी का व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इसी तरह कई राज्यों में हिंदी बोली जाती है। हालांकि इस बात पर विवाद है कि हिंदी 'राष्ट्रभाषा' है या नहीं, लेकिन मैं उसमें नहीं पड़ना चाहता।"

महाराष्ट्र सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य भर के मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ना अनिवार्य होगा। यह दो भाषाओं के अध्ययन की परंपरा से हटकर है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने इस कदम की निंदा की है और कहा है कि उनकी पार्टी राज्य में हर चीज को “हिंदीकृत” करने के केंद्र के प्रयासों को सफल नहीं होने देगी। कांग्रेस ने कहा है कि यह फैसला हिंदी थोपने जैसा है।

एनईपी 2020 के तहत लागू होगा त्रिभाषा फॉर्मूला

पवार ने कहा कि मराठी, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन मराठी हमेशा राज्य में प्रमुखता बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, "मराठी को बरकरार रहना चाहिए और आगे बढ़ना जारी रखना चाहिए।"

भाषा को बढ़ावा देने में केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए पवार ने कहा, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे जिन्होंने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया, यह निर्णय दिल्ली में वर्षों से लंबित था। एनडीए सरकार ने इसे लागू करने का साहस दिखाया।"



उन्होंने कहा कि भाषा को और अधिक बढ़ावा देने के लिए मुंबई में मराठी भाषा भवन स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है।

कक्षा 1 से 5 के लिए त्रि-भाषा फॉर्मूला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत नए पाठ्यक्रम कार्यान्वयन का एक हिस्सा है।

राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली शिक्षा के लिए एनईपी 2020 की सिफारिशों के अनुसार तैयार किए गए नए पाठ्यक्रम ढांचे की चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना घोषित की है।

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