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2020-21 से इन कोर्सेज को मान्यता नहीं देगी AICTE, मानव संसाधन मंत्री ने दी जानकारी
Mon, 15 Jul 2019 05:58 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 15 Jul 2019 05:58 PM IST
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लोकसभा को सोमवार को सूचित किया गया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से कम रोजगार की संभावना वाले नए पारंपरिक विषयों की अनुमति नहीं देगा। वे केवल आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉक चेन जैसे उभरते हुए क्षेत्रों को अनुमति देगा।
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मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी कहा कि इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल का हिस्सा बन सकें। इंजीनियरिंग संस्थानों में उद्योग की आवश्यकताओं और पाठ्यक्रमों के बीच की खाई को भरने के लिए, AICTE ने छात्रों के लिए अनिवार्य इंटर्नशिप सहित कई कदम उठाए हैं।
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रोजगार विषय पर उठे एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि IIT के छात्र दुनिया की 500 शीर्ष कंपनियों में से 200 कंपनियों में काम कर रहे हैं। शशि थरूर (कांग्रेस) ने दावा किया कि डिमांड्स ऑफ द इडस्ट्री और पाठ्यक्रमों के बीच मिसमैच है जिसे हटाया जाना चाहिए।
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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर मिसमैच को हटा दिया जाता है, तो छात्रों को रोजगार हासिल करने के लिए "Fry pakoras" की सलाह नहीं दी जाएगी।
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