AI: इग्नू में 3.24 लाख छात्रों को दी गई डिग्रियां, उपराष्ट्रपति ने कहा- एआई के माध्यम से सीखना भविष्य की कुंजी
Vice President: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 39वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने 3.24 लाख विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से सीखना न केवल ज्ञान बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षा को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाएगा।
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AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते उपकरण शिक्षा को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। ये तकनीकें छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन देती हैं और व्यक्तिगत्त सीखने के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास से घबराने की आवश्यकता नहीं है। जैसे पहले कंप्यूटर आने पर लोगों को नौकरी जाने का डर था, लेकिन बाद में इससे रोजगार बढ़े और देश का विकास हुआ। इसी तरह एआई को भी सकारात्मक रूप से अपनाना चाहिए।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने यह बातें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में कहीं। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश भर के अलग-अलग क्षेत्रीय केंद्रों पर 3.24 लाख से अधिक स्नातक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। साथ ही पीएचडी डिग्रियां और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए। देश के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों में भी समानांतर रूप से दीक्षांत समारोह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इग्नू में डिजिटल शिक्षा और समावेशी दीक्षांत समारोह का उद्घाटन
उपराष्ट्रपति ने इग्नू के रीजनल सेंटरों पर 17 स्वयं प्रभा स्टूडियो का उद्घाटन किया, जो डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने में सहायक होगा। साथ ही इग्नू प्रोफाइल 2026 और एलुमनाई पोर्टल भी लांच किया गया। वहीं इस बार के दीक्षांत समारोह में 56 फीसदी स्नातक महिलाएं थी, 61 फीसदी ग्रामीण भारत से और 58 फीसदी से ज्यादा पिछड़े तबके से थीं।
वहीं, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने ईमानदारी और समाज के प्रति योगदान की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी। इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भारतीय भाषाओं में शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया।
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