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Hindi News ›   Education ›   AI tools to assist Delhi govt school teachers with non-teaching tasks

Artificial Intelligence: अब टीचिंग नहीं बनेगी टेंशन, दिल्ली सरकार दे रही एआई की मदद

Tue, 22 Apr 2025 04:40 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Tue, 22 Apr 2025 04:40 PM IST
सार

AI Tools: दिल्ली सरकार ने अपने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में दक्ष बनाने का फैसला किया है। इस प्रशिक्षण के तहत शिक्षक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार करने, पाठ्येतर गतिविधियों के लिए नए आइडिया खोजने और फोटो एडिटिंग जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों को एआई की मदद से अधिक आसानी और दक्षता से कर सकेंगे 

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AI tools to assist Delhi govt school teachers with non-teaching tasks
Artificial Intelligence - फोटो : Freepik

विस्तार

Artificial Intelligence: दिल्ली सरकार अब अपने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का इस्तेमाल सिखाएगी, ताकि वे पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार करने, पाठ्येतर गतिविधियों के लिए नए विचार खोजने और फोटो संपादन जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों को आसानी से कर सकें।

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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के एक अधिकारी के मुताबिक, इस पहल का मकसद यह है कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे सकें, जबकि तकनीक की मदद से वे समय लेने वाले दोहराव वाले काम आसानी से निपटा सकें।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत सरकारी स्कूलों से लगभग 100 कंप्यूटर विज्ञान शिक्षकों का चयन किया जाएगा और उन्हें इन कार्यों को सरल बनाने के लिए डिजाइन किए गए विभिन्न एआई उपकरणों के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाएगा।

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100 शिक्षकों को एआई टूल्स का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

अधिकारी ने कहा, "प्रशिक्षण के बाद, ये 100 शिक्षक मास्टर ट्रेनर के रूप में 50 चुनिंदा सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे और अन्य शिक्षकों को इन एआई उपकरणों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का प्रशिक्षण देंगे।"


उन्होंने कहा, "हम सिर्फ इस कार्यक्रम को शुरू ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि शिक्षकों से फीडबैक भी एकत्र करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे एआई उपकरणों का सही तरीके से उपयोग कर पा रहे हैं या नहीं।"

अधिकारी ने कहा कि कुछ शिक्षक शुरू में एआई के उपयोग को लेकर झिझक रहे थे, क्योंकि उन्हें डर था कि यह उनकी नौकरी छीन सकता है।

शिक्षकों के लिए मददगार होगी एआई, नहीं लेगी उनकी जगह

उन्होंने कहा, "इस पहल के माध्यम से हम उन्हें आश्वस्त करना चाहते हैं कि एआई उनका स्थान लेने के लिए नहीं, बल्कि उनका समर्थन करने के लिए है।" उन्होंने आगे कहा कि इसका लक्ष्य शिक्षकों के गैर-शिक्षण कार्यभार को कम करना है, ताकि वे शिक्षण पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।

अधिकारी ने कहा कि शिक्षक अक्सर प्रस्तुतीकरण तैयार करने, दृश्य सामग्री के लिए छवियों को संपादित करने तथा सांस्कृतिक या पाठ्येतर गतिविधियों के लिए विचार प्रस्तुत करने में काफी समय लगाते हैं।

उन्होंने कहा, "यदि एआई इन कार्यों में मदद कर सकता है, तो शिक्षकों के पास छात्रों के साथ जुड़ने और अपने पाठों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अधिक समय होगा।"



अधिकारी ने कहा कि कुछ एआई उपकरण जिन्हें कक्षाओं में पेश किया जा सकता है, उनमें 'नैपकिन' शामिल है, जो पाठ को चित्रों में परिवर्तित करता है, और 'गामा', एक उपकरण है जो पावरपॉइंट प्रस्तुतियों को शीघ्रता से बनाने में मदद कर सकता है।

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