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Delhi News: पिता के मार्गदर्शन में वुशू खिलाड़ी गौरी बनीं स्वर्ण पदक विजेता
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नई दिल्ली। मेहनत, अनुशासन और पिता के मार्गदर्शन के दम पर युवा वुशू खिलाड़ी गौरी राज लगातार अपनी पहचान बना रही हैं। एसवी को-एड विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा गौरी वर्तमान में स्टेट स्कूल गेम्स की अंडर-19 बालिका 65 किलोग्राम भार वर्ग की स्वर्ण पदक विजेता हैं।
गौरी के खेल के सफर में उनके पिता राहुल राज की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय पदक विजेता वुशू खिलाड़ी और कोच राहुल ने बेटी को खेल की तकनीक के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने की सीख दी। गौरी के सफर में कई चुनौतियां और उतार-चढ़ाव आए, लेकिन पिता-बेटी की जोड़ी ने मेहनत जारी रखी। प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण और प्रतियोगिताओं के अनुभव पर लगातार काम किया गया। अब गौरी का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। गौरी का मानना है कि बेटियों के लिए मार्शल आर्ट सीखना आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। संवाद
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गौरी के खेल के सफर में उनके पिता राहुल राज की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय पदक विजेता वुशू खिलाड़ी और कोच राहुल ने बेटी को खेल की तकनीक के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने की सीख दी। गौरी के सफर में कई चुनौतियां और उतार-चढ़ाव आए, लेकिन पिता-बेटी की जोड़ी ने मेहनत जारी रखी। प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण और प्रतियोगिताओं के अनुभव पर लगातार काम किया गया। अब गौरी का लक्ष्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। गौरी का मानना है कि बेटियों के लिए मार्शल आर्ट सीखना आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। संवाद
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