फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   world is limited to Rooms, Coaching and Tea Shop of students

उम्मीदों का शहर : कमरे,  कोचिंग और चाय की दुकान तक सिमटी दुनिया

Fri, 04 Mar 2022 04:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Mar 2022 04:52 AM IST
सार

सिविल सेवा परीक्षा का विस्तृत दायरा तैयारी करने वालों की दुनिया को कर देता है सीमित।

विज्ञापन
world is limited to Rooms, Coaching and Tea Shop of students
आम तौर पर ऐसा रहता है छात्रों का पहनावा... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा की कठिन प्रवेश परीक्षा प्रतियोगियों से संयम की मांग करती है और प्रतिबद्धता व दृढ़ता से डटे रहने की अपेक्षा भी है। परीक्षा का विस्तृत दायरा तैयारी करने वालों की दुनिया को सीमित कर देता है। इनके पूरे 24 घंटे अमूमन छोटे से कमरे, कोचिंग या लाइब्रेरी व चाय की दुकान पर गुजर जाते हैं। यही इनके फैशन का ट्रेंड सेट करती है। वह उन्हीं चीजों को इसमें शामिल करते हैं, जिनसे सिविल सेवक बनने का उनका मुख्य लक्ष्य बाधित न होने पाए।

विज्ञापन


ढीली टी-शर्ट, लोअर, दाढ़ी और चप्पल, कुर्ता, जींस..., ओल्ड राजेंद्र नगर, मुखर्जी नगर और कटवरिया सराय की गलियों व सड़कों पर नजर आने वाले प्रतियोगियों का आमतौर पर यही पहनावा होता है। खासतौर पर तीन-चार साल से परीक्षा की तैयारी करने वालों का यही फैशन है। नए आने वाले प्रतियोगियों में थोड़ी विविधता दिखती है। पहले दो-तीन साल में उन पर बॉलीवुड और दक्षिण के टॉलीवुड का भी असर दिखता है।
विज्ञापन


चार साल से ओल्ड राजेंद्र नगर में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे संयम ने बताया कि हमने अपने दोस्तों में देखा है कि समय गुजरने के साथ फैशन का एक ट्रेंड सेट हो जाता है। पहनावा बड़ा सामान्य होता है, लेकिन देखते ही पता लग जाता है कि वह सिविल सेवा का आकांक्षी है। हां, नए प्रतियोगियों में थोड़ी विविधता दिखती है। इसमें संबंधित प्रतियोगी के पहनावा फिल्मी दुनिया से प्रभावित होता है। संयम ने मुस्कुराते हुए कहा कि कई नए प्रतियोगी आज बोलते हुए सुने जा सकते हैं...‘पुष्पा बेशक न झुके, लेकिन छात्रों को यूपीएससी के आगे झुकना होगा।’ पहनावा सामान्य होने पर छात्रों का कहना है कि हमारा दायरा बहुत सिमटा हुआ है। पूरा साल तैयारी में गुजर जाता है। घर के शादी-ब्याह में जाने का मौका नहीं मिलता। गर्मी में बरमूडा, टी-शर्ट व लोअर में वक्त गुजर जाता है। ट्रैक शूट व जैकेट सर्दी से बचा लेती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिर्फ साक्षात्कार के समय पहनते हैं टाई और कोट-पैंट
छात्रों के मुताबिक, कई छात्र अपने साथ कोट-पैंट व ब्लेजर लेकर जरूर आते हैं, लेकिन तैयारी के दौरान पूरा साल वह पीजी में रखा जाता है। सिविल सेवा के प्री और मेंस के बाद साक्षात्कार तक पहुंचने पर ही टाई के साथ कोट और पैंट या ब्लेजर पहना जाता है।

जो बच्चे शुरुआती तौर पर तैयारी करने आते हैं वे फैशन को लेकर अधिक प्रभावित रहते हैं। दो से तीन साल में वे परीक्षा के मूड में आ जाते हैं। यही वजह है कि यहां के लोगों का लोअर-टीशर्ट व ट्रैक सूट अपने आप में फैशन का हिस्सा है।        

- अभिषेक, दिल्ली, आईआरएस सेवा के लिए चयनित छात्र

मैं अमूमन लोअर व टी-शर्ट में रहना पसंद करती हूं। ब्यूटी पार्लर से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। कोचिंग हो या लाइब्रेरी, हर जगह एक ही ड्रेस कोड चल जाता है। शादी-ब्याह में जाना नहीं होता तो खुद ही कई बार रेस्तरां में पहुंचकर अपनी पसंद का खाना खा लेती हूं। 
- सुप्रिया, बिहार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed