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World Environment Day 2021: पर्यावरण संरक्षण के लिए कागज के प्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत- आईपीएमए
Sat, 05 Jun 2021 10:45 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 05 Jun 2021 10:45 AM IST
सार
आईपीएमए के महासचिव श्री रोहित पंडित ने कहा, ‘यह तर्क कि कागज बनाने के लिए जंगल काटे जाते हैं और इससे पर्यावरण को नुकसान होता है, पूरी तरह आधारहीन है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
कागज पर्यावरण की दृष्टि से सबसे अनुकूल उत्पादों में से एक है। कागज बायोडिग्रेडेबल और रिसाइकिल किए जाने योग्य है और ऐसे संसाधनों से बनाया जाता है, जो नवीकरणीय हैं और सतत हैं। शिक्षा, पैकेजिंग, ई-कॉमर्स और स्वच्छता आदि से जुड़े कार्यों में कागज का इस्तेमाल अन्य विकल्पों की तुलना में पर्यावरण के ज्यादा अनुकूल है। इसके प्रयोग को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। इंडियन पेपर मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएमए) ने पर्यावरण दिवस के मौके पर यह बात कही।
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आईपीएमए के महासचिव श्री रोहित पंडित ने कहा, ‘यह तर्क कि कागज बनाने के लिए जंगल काटे जाते हैं और इससे पर्यावरण को नुकसान होता है, पूरी तरह आधारहीन है। सच यह है कि कागज बनाने के लिए जिस लकड़ी का इस्तेमाल होता है, उसका पेड़ किसान विशेषरूप से कागज के लिए ही उगाते हैं। इसके लिए जंगल नहीं काटा जाता है। कागज उद्योग ने किसानों के साथ मिलकर कृषि वानिकी के तहत ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की दिशा में काम किया है।’
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कागज के लिए पेड़ लगाने से ग्रामीण इलाकों में लाखों किसानों को रोजगार मिला है। इस कृषि वानिकी की पहल से करीब 5 लाख किसान जीविका कमा रहे हैं। पंडित ने आगे बताया कि कागज उद्योग की कृषि वानिकी से देश का ग्रीन कवर ज्यादा हुआ है। अब तक कागज उद्योग ने देश में 12 लाख हेक्टेयर कम उपजाऊ जमीन पर पल्पवुड प्लांटेशन कराया है। इस तरह से देखा जाए तो कागज का इस्तेमाल पर्यावरण के लिए अच्छा है।
आईपीएमए के मुताबिक, कागज उद्योग के काम करने प्रक्रिया पिछले वर्षों में पूरी तरह बदल गई है। आज यह उद्योग कहीं ज्यादा इनोवेटिव है और ई-कॉमर्स, एफएमसीजी, फार्मास्युटिकल्स, फूड पैकेजिंग आदि में प्रयोग के लिए कई वैराइटी के उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
नई टेक्नोलॉजी के आने से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि आज ज्यादा बेहतर गुणवत्ता के कागज बनाए जा रहे हैं। इको-फ्रेंडली विकल्प तलाश रहे रिटेल एवं संस्थागत ग्राहकों की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए उनकी जरूरत के मुताबिक उत्पाद बनाना भी संभव है।