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Delhi: स्वदेशी स्नाइपर से अंधेरे में भी दुश्मनों पर लगेगा सटीक निशाना, इसे आप भी देख सकते हैं पुलिस एक्सपो में
Thu, 27 Jul 2023 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आशीष सिंह, नई दिल्ली
आशीष सिंह, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 27 Jul 2023 06:14 AM IST
सार
देश में निर्मित स्नाइपर राइफल से अंधेरे में भी डेढ़ किलोमीटर दूर बैठे दुश्मनों का सफाया किया जा सकेगा। इस अत्याधुनिक राइफल को इच्छापुर फैक्टरी में तैयार किया गया है। बुधवार को शुरू हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो- 2023 में इसको प्रदर्शित किया गया है।
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अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो- 2023
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश पर बुरी नजर रखने वाले दुश्मनों की अब खैर नहीं। देश में निर्मित स्नाइपर राइफल से अंधेरे में भी डेढ़ किलोमीटर दूर बैठे दुश्मनों का सफाया किया जा सकेगा। इस अत्याधुनिक राइफल को इच्छापुर फैक्टरी में तैयार किया गया है। बुधवार को शुरू हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो- 2023 में इसको प्रदर्शित किया गया है।
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इस राइफल की क्षमता जानने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। यहीं नहीं कई लोग इसके साथ सेल्फी भी ले रहे हैं। यह करीब आठ किलो भार व 8.6 × 70 एमएम की राइफल है। इसमें पांच राउंड मैगजीन की क्षमता है। इसके अंदर दूरबीन के साथ विशेष लाइट लगाई गई है, जोकि दूरी माप कर अंधेरे में भी निशाना साध सकती है। इसे जल्द ही देश की सीमा पर तैनात सैनिकों को दिया जाएगा। प्रगति मैदान में लगे एक्सपो में यूके, अमेरिका, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, इटली, इजराइल, जर्मनी, फ्रांस समेत 25 से ज्यादा देशों की युद्ध एवं आपदा राहत उपकरण बनाने वाली कंपनियां ने हिस्सेदारी की है। खास बात यह है कि यहां देश के युद्ध कौशल को और भी प्रशस्त करने वाले नवीन हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया है।
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त्वरित बख्तरबंद वाहन ग्रेनेड का लगाएगा पता
दुश्मनों के नापाक इरादे को नाकाम करने के लिए स्वदेशी ‘त्वरित’ बख्तरबंद वाहन तैयार है। यह बख्तरबंद वाहन 500 मीटर दूर जमीन के नीचे लगाए गए ग्रेनेड का सेंसर से पता लगा लगेगा। यही नहीं यह ग्रेनेड के हमले में भी क्षतिग्रस्त नहीं हो होगा। वहीं, यह वाहन बाहर से ही नहीं अंदर से भी बुलेट प्रूफ है। इसे तेलंगाना की एक कंपनी ने तैयार किया है।
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महिलाओं के लिए छोटी पिस्तौल एक्सपो में हथियारों में अशानी-0.32 एमके-आईएम पिस्तौल लोगों के बीच आकर्षण बनी हुई है। इसका वजन 660 ग्राम है। इसे विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए बनाया गया है। आकार इतना छोटा है कि महिलाएं पर्स में आसानी से रख सकती हैं। पिस्तौल बनाने का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास से अपनी रक्षा करने के लिए सशक्त बनाना है।
स्नाइपर की गोली से बचाएगी बुलेट प्रूफ जैकेट
सुरक्षा बलों को स्नाइपर की गोली से बचाने के लिए लाइट वेट बॉडी आर्मर (एलडब्ल्यूबीए) बनाई गई है। खास बात यह है कि यह जैकेट कुछ सेकंड में निकल जाती है। वहीं, 10 मीटर की दूरी से चलाई गोली को शरीर में घुसने से बचा लेती है। इसमें सभी उपकरणों को लगाकर 11 किलो वजन हो जाता है। इसे हैदराबाद में स्थित रक्षा मंत्रालय के उपक्रम ने निर्मित किया है।
स्वदेश में निर्मित हथियार विदेशी को दे रहे मात
एक्सपो में स्वदेश में निर्मित हथियारों का बोल बाला देखने को मिल रहा है। यह हथियार विदेश के हथियारों को भी मात दे रहे हैं। जो हथियार पहले रूस, अमेरिका से आयात किए जाते थे, वह अब यही बन रहे हैं। जिसमें 45 एमएम की एक्सकैलिबर, 9 एमएम की पिस्टल, रिवॉल्वर साइड स्विंग समेत कई हथियार अब देश में ही बन रहे हैं। स्वदेशी हथियार बनाने वाली कंपनी ने बताया कि पहले देश के सुरक्षाबलों के लिए आवश्यक उपकरणों के लिए पहले अन्य देशों से आयात पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन 8-9 वर्ष में इस स्थिति में काफी बदलाव आया है। इसके तहत न केवल रक्षा क्षेत्र बल्कि अन्य कई क्षेत्रों में देश को आत्मनिर्भर बनने में मजबूती मिली है।