Yamuna Flood: तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गई यमुना, जलस्तर 205.38 मीटर पहुंचा; लोगों की बढ़ी चिंता
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर यमुना खतरे के निशान के पार बह रही है। जलस्तर 205.38 मीटर पहुंच गया है। जिससे यमुना के आस पास रहने वाले लोगों की चिंता बढ गई है।
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यमुना ने खतरे के निशान को पार करने के मामले में हैट्रिक लगाया है। शुक्रवार शाम को करीब छह बजे तीसरी बार यमुना का जलस्तर 205.38 मीटर के पार पहुंच गया है, जिससे यमुना के आस पास रहने वाले लोगों की चिंता बढ गई है। बाढ़ प्रभावित लोग अभी अपने बचे खुचे सामान ठीक से सुखा भी नहीं पाए हैं कि इनके सर पर फिर से बाढ़ का खतरा मंड़राने लगा है। करीब एक हफ्ते से जलमग्न राजघाट परिसर से शुक्रवार को ही पानी निकाला गया है। पानी बढ़ने पर यमुना के करीब स्थित इस गहरी जगह पर फिर से पानी भरने का खतरा है।
खतरे के निशान को पार करने में यमुना ने लगाई हैट्रिक
दिल्ली वासियों ने हाल ही में यमुना के ऐतिहासिक रूप से बढ़े जलस्तर को देखा है। 10 जुलाई को यमुना ने खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर लिया था और 13 जुलाई को यमुना ने दिल्ली में 1978 में आई बाढ़ के दौरान के अपने जलस्तर 207.49 मीटर के रिकार्ड नीचे छोड़ दिया था।पुराने रेलवे ब्रिज पर तब इसका अधिकतम जलस्तर 208.66 मीटर पहुंच गया। छह दिन बाद 19 जुलाई को सुबह पांच बजे यमुना का जलस्तर फिर से खतरे के निशान के नीचे 205.22 मीटर पर आया। लेकिन छह बजे से इसका जलस्तर फिर बढ़ने लगा।
सुबह सात बजे यमुना खतरे के निशान को पार कर गई। शाम को पांच बजे तक इसका जलस्तर 205.79 मीटर पहुंच गया। इसके बाद शुक्रवार को शाम छह बजे तीसरी बार यमुना का पानी नीचे आने के बाद फिर से खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन की तरफ से बताया जा रहा है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण फिर से यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है।
बाढ़ और जलजमाव के कारण डेंगू का खतरा ज्यादा - मेयर डॉ. शैली ओबरॉय
मेयर डॉ शैली ओबरॉय का मानना है कि बाढ़ और जल जमाव के कारण इस साल दिल्ली में बाढ़ का खतरा ज्यादा है। बाढ़ राहत शिविरों में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है। विधायक और पार्षद घर घर जाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करेंगे। वेक्टर बोर्न डिजीज की रोकथाम के लिए मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने निगम आयुक्त ज्ञानेश भारती और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। इसमें एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक, नेता सदन मुकेश गोयल भी शामिल हुए।
इसके बाद मेयर ने प्रेस वार्ता कर कहा कि दिल्ली में बाढ़ और जल जमाव के कारण मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और इस स्थिति से निपटने के लिए निगम युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। क्षेत्रीय उपायुक्त, मलेरिया इंस्पेक्टर, डीबीसी कर्मचारी, फील्ड वर्कर व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ग्राउंड जीरो पर कार्य कर रहे हैं। इस अभियान में क्षेत्रीय विधायक व पार्षदों को भी जोड़ा जाएगा। निगम के करीब 3000 डीबीसी कर्मचारी व 2000 फील्ड वर्कर घर-घर जाकर नागरिकों को जागरूक करेंगे।