Delhi: अमर कॉलोनी में पानी की किल्लत, बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, शिकायतों का अंबार, लेकिन कार्रवाई शून्य
अमर कॉलोनी की दयानंद कॉलोनी के ए, बी, सी, डी और ई-ब्लॉक समेत ओडीएस के 24 ब्लॉकों में पिछले एक हफ्ते से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हजारों परिवार पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं।
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अमर कॉलोनी की दयानंद कॉलोनी के ए, बी, सी, डी और ई-ब्लॉक समेत ओडीएस के 24 ब्लॉकों में पिछले एक हफ्ते से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। हजारों परिवार पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं और शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गर्मी के बीच पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त है। कई परिवारों को सरकारी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। दिल्ली में जहां सरकार हर घर तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के बड़े बड़े दावे करती है, वहीं दक्षिणी दिल्ली के अमर कॉलोनी में हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं।
महिलाओं और बुजुर्गों पर असर :
पानी की कमी का सबसे अधिक असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। घरों में खाना बनाने, कपड़े धोने और साफ सफाई जैसे रोजाना काम भी प्रभावित हो रहे हैं। दयानंद कॉलोनी की निवासी कनिका ने बताया कि हम पिछले सात दिनों से बाल्टियों में पानी जमा करके काम चला रहे हैं। बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है। पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। वहीं, 72 वर्षीय बुजुर्ग निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि इतनी परेशानी पहले कभी नहीं देखी। अधिकारी जनता की सुनने को तैयार नहीं हैं। शिकायत करने पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। हमारी समस्या का समाधान किसी के पास नहीं हैं।
शिकायतों का अंबार, लेकिन कार्रवाई नहीं
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, जल बोर्ड के हेल्पलाइन नंबरों पर बार-बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कई लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता रोहित बैसोया ने बताया कि जब चुनाव आते हैं तो हर नेता जनता के दरवाजे पर पहुंच जाता है। लेकिन जब जनता को पानी जैसी मूलभूत सुविधा की जरूरत होती है, तब कोई नजर नहीं आता।
जब हजारों लोग एक हफ्ते से परेशानी झेल रहे हों और जिम्मेदार अधिकारी संपर्क में न हो, तो यह प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी। - रोहित बैसोया, सामाजिक कार्यकर्ता
पिछले सात दिनों से हमारे इलाके में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है। हर काम प्रभावित हो रहा है। - बाल किशन बधवा, स्थानीय निवासी
महिलाओं को इस संकट का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। पिछले एक सप्ताह से हम पानी जमा करके काम चला रहे हैं। - चंदा रॉय, स्थानीय निवासी
हम लगातार शिकायत कर रहे हैं। लेकिन हमारी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा है। पानी के कारण हजारों परिवार परेशान हैं। - सुधीर गुप्ता, स्थानीय निवासी