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विधानसभा की समितियों और सचिवालय को बनाया जा रहा पंगु : गोयल
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वरिष्ठ अधिकारियों को स्थानांतरण करने और उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गाेयल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल के इशारे पर दिल्ली सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी विधानसभा की समितियों व सचिवालय को पंगु बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद स्थानांतरण करने और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा वह केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद उनकी घाना में होने वाले राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में जाने की फाइल को लटकाने में लगे हुए हैं।
विधानसभा में मीडिया से बात करते हुए रामनिवास गाेयल ने बताया कि सतर्कता व सेवा विभाग के विशेष सचिव वाईवीवीजे राजशेखर के आदेश पर विधानसभा के अधिकारियों को टेलीफोन पर संदेश भेजकर सेवा विभाग में बुलाया गया। इस दौरान उनसे ओबीसी कल्याण समिति व विशेषाधिकार समिति की ओर से विभिन्न शिकायतों की जांच का विवरण जानना चाहा। इसके बाद इन अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय से स्थानांतरण के लिए लिखित में अनुरोध देने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, ऐसा न करने पर उनको निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी। दरअसल इन समितियों में राजशेखर के खिलाफ शिकायतें लंबित हैं।
दूसरी ओर वित्त विभाग ने विधानसभा सचिवालय से भेजे जाने वाले वित्तीय प्रस्तावों को लटकाने और उनको नकारने में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी है। विधि विभाग की राय के बावजूद वित्त सचिव लगातार हमारी फाइलों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। दूसरी ओर उन्होंने बताया कि घाना में राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा की भागीदारी का प्रस्ताव जून माह से वित्त विभाग के पास लंबित है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने हमारे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग पिछले दो महीनों से इसे दबाए रखा। अब दो महीने के बाद इस टिप्पणी के साथ विधानसभा सचिवालय को वापस भेज दिया है कि इस बारे में उपराज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता है। यह सम्मेलन हर साल आयोजित किए जाते हैं और उपराज्यपाल की मंजूरी कभी नहीं मांगी गई, क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष कभी भी उपराज्यपाल के अधीन काम नहीं किया है। वह इस बारे में उपराज्यपाल को पत्र लिखेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गाेयल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल के इशारे पर दिल्ली सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी विधानसभा की समितियों व सचिवालय को पंगु बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद स्थानांतरण करने और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। इसके अलावा वह केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद उनकी घाना में होने वाले राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में जाने की फाइल को लटकाने में लगे हुए हैं।
विधानसभा में मीडिया से बात करते हुए रामनिवास गाेयल ने बताया कि सतर्कता व सेवा विभाग के विशेष सचिव वाईवीवीजे राजशेखर के आदेश पर विधानसभा के अधिकारियों को टेलीफोन पर संदेश भेजकर सेवा विभाग में बुलाया गया। इस दौरान उनसे ओबीसी कल्याण समिति व विशेषाधिकार समिति की ओर से विभिन्न शिकायतों की जांच का विवरण जानना चाहा। इसके बाद इन अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय से स्थानांतरण के लिए लिखित में अनुरोध देने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, ऐसा न करने पर उनको निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी। दरअसल इन समितियों में राजशेखर के खिलाफ शिकायतें लंबित हैं।
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दूसरी ओर वित्त विभाग ने विधानसभा सचिवालय से भेजे जाने वाले वित्तीय प्रस्तावों को लटकाने और उनको नकारने में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी है। विधि विभाग की राय के बावजूद वित्त सचिव लगातार हमारी फाइलों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। दूसरी ओर उन्होंने बताया कि घाना में राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा की भागीदारी का प्रस्ताव जून माह से वित्त विभाग के पास लंबित है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने हमारे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन वित्त विभाग पिछले दो महीनों से इसे दबाए रखा। अब दो महीने के बाद इस टिप्पणी के साथ विधानसभा सचिवालय को वापस भेज दिया है कि इस बारे में उपराज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता है। यह सम्मेलन हर साल आयोजित किए जाते हैं और उपराज्यपाल की मंजूरी कभी नहीं मांगी गई, क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष कभी भी उपराज्यपाल के अधीन काम नहीं किया है। वह इस बारे में उपराज्यपाल को पत्र लिखेंगे।
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