Delhi News : सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में दो गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस को अब औरों की तलाश
दिल्ली पुलिस इस मामले में दूसरे आरोपियों की तलाश में प्रत्यक्षदर्शियों के मोबाइल से तैयार वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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मध्य जिला पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पैगंबर मोहम्मद पर भाजपा के नुपूर शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणी के खिलाफ रोष जता रहे प्रदर्शनकारी दोनों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बगैर इजाजत जामा मस्जिद इलाके में लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर करीब 20 मिनट तक विरोध जताते हुए नारेबाजी की थी। शुक्रवार की नमाज के शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद कुछ लोग बाहर से आए और विरोध जताना शुरू कर दिया। बाद में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़कर करीब 300 हो गई थी।
दिल्ली पुलिस इस मामले में दूसरे आरोपियों की तलाश में प्रत्यक्षदर्शियों के मोबाइल से तैयार वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शनिवार रात गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जामा मस्जिद क्षेत्र के कटरा गोकुल शाह निवासी मो. निशार उर्फ नदीम (43) और शंकर वाली गली, तुर्कमान गेट निवासी फहीम (37) के तौर पर की गई है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान ने बताया कि 10 जून को जामा मस्जिद थाने में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को जामा मस्जिद क्षेत्र में बगैर इजाजत इकट्ठा होकर नमाज के बाद प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा होकर विरोध जताने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत प्रदर्शनकारियों (विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञालोक सेवक) मामला दर्ज किया गया।
सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने के आरोप में पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 ए को भी जोड़ दिया है। पुलिस उपायुक्त के मुताबिक इस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार की नमाज के बाद लोगों की भारी भीड़तख्तियां लेकर जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर इकट्ठा हो गए। शुक्रवार को नमाज के लिए करीब 1500 लोग जामा मस्जिद में एकत्रित हुए थे।
नमाज के शांतिपूर्वक संपन्न होने के बाद बाहर से कुछ लोग हाथों में तख्तियां लेकर पैगंबर मोहम्मद पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ नुपूर शर्मा और जिंदल की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेेबाजी की। डीसीपी ने कहा कि इस दौरान कुछ और लोग भी शामिल हो गए और प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 300 हो गई। जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हमेशा पुलिस की तैनाती रहती है, इसलिए 10 से 15 मिनट के भीतर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने विरोध की इस घटना से यह कहते हुए दूरी बना ली थी कि कोई नहीं जानता कि प्रदर्शनकारी कौन थे। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। र्ज किया गया है।
फहीम वेंडर और निसार बिजली मिस्त्री
आरोपी फहीम एक वेंडर है और इससे पहले किसी आपराधिक मामले में उसकी संलिप्तता नहीं है।10 जून को जुमे की नमाज के बाद उनके हाथों में एक पोस्टर के साथ जामा मस्जिद में गैरकानूनी तौर पर इकट्ठा होकर नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ नारे लगा रहे थे। इस दौरान विरोध जता रहे आरोपी निसार अहमद बिजली मिस्त्री है।