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मंडोली जेल से चल रहे उगाही गैंग का भंडाफोड़, हेड वार्डर समेत पांच गिरफ्तार
Fri, 28 Aug 2020 01:24 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:24 AM IST
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
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द्वारका साउथ थाना पुलिस ने मंडोली जेल से चल रहे उगाही गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हेड जेल वार्डर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
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आरोपियों की पहचान विकास, जगमोहन, प्रमोद कुमार, हन्नी राजपाल और हेड जेल वार्डर राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। विकास नंदू गैंग का बदमाश है और उस पर 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल प्रशासन ने हेड वार्डर को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
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जिला पुलिस उपायुक्त एंटो अल्फोंस ने बताया कि कुछ दिन पहले शोरूम में काम करने वाले एक व्यक्ति ने द्वारका साउथ थाने में उगाही की शिकायत दर्ज कराई थी। नंदू गैंग का बदमाश बताकर दो नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर उससे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
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थाना प्रभारी रामनिवास के नेतृत्व में कॉल डिटेल की जानकारी निकाली। दोनों नंबर उस्मानपुर के रहने वाले जगमोहन और प्रमोद के नाम पर रजिस्टर्ड थे। फोन की लोकेशन मंडोली जेल की आ रही थी। पुलिस टीम ने दबिश देकर जगमोहन को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि चचेरे भाई प्रमोद के कहने पर 6 अगस्त को चार सिम खरीदे थे। प्रमोद ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात हन्नी राजपाल से हुई। वह गीता कॉलोनी में हुई हत्या के मामले में जेल में बंद है।
हन्नी ने जेल से बाहर आने पर 10 सिम कार्ड की व्यवस्था करने और उसे हेड जेल वार्डन राजेंद्र के जरिए जेल में पहुंचाने को कहा था। प्रमोद ने चार अपने व छह सिम की व्यवस्था अपने चचेरे भाई जगमोहन के नाम से कर राजेंद्र को दे दिए। सिम पहुंचाने के एवज में राजेंद्र ने प्रति सिम दो हजार रुपये लिए थे। जांच में पता चला कि विकास ही लोगों को डरा धमका कर उगाही करता था।