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दिल्ली: ई-वाहनों की बिक्री में दोपहिया वाहनों की सर्वाधिक हिस्सेदारी, ई कारों पर अब सब्सिडी नहीं
Tue, 15 Mar 2022 10:45 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Mar 2022 10:45 PM IST
सार
जनवरी में 1760 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए जबकि फरवरी में यह आंकड़ा पर 2,383 पहुंच गया। 14 मार्च तक 1745 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत किए गए हैं। इस दौरान 18 ई बसों का पंजीकरण किया गया।
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फाइल फोटो
- फोटो : eWheelers
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विस्तार
दिल्ली में इस साल जनवरी से पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों में 55 फीसदी दोपहिया वाहन हैं। जनवरी से 14 मार्च के बीच ढाई महीने में दिल्ली में कुल 10,707 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए गए। इनमें 5,888 ई-टू व्हीलर (ई बाइक और ई-स्कूटर) जबकि शेष 45 फीसदी वाहनों में ई रिक्शा, कार,बस, मालवाहक वाहन और ई-कार्ट शामिल हैं।
जनवरी में 1760 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए जबकि फरवरी में यह आंकड़ा पर 2,383 पहुंच गया। 14 मार्च तक 1745 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत किए गए हैं। इस दौरान 18 ई बसों का पंजीकरण किया गया। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी पर अधिकारियों का कहना है कि इससे पता चलता है कि ई-बाइक और ई-स्कूटर की मांग बढ़ रही है।
यह जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों को ई वाहनों में स्थांतरित करने के लरृए सकारात्मक संकेत है। अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से चार्जिंग सुविधाओं में बढ़ोतरी के प्रयासों से ई वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। इस दौरान ई-कारों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।जनवरी में, 147 इलेक्ट्रिक कार पंजीकृत किए गए जबकि फरवरी में यह संख्या बढ़कर 205 हो गई।
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14 मार्च तक 70 इलेक्टर्रक कारों का पंजीकरण किया गया था।जनवरी में केवल एक इलेक्ट्रिक बस का पंजीकरण हुआ जबकि फरवरी में संख्या बढ़कर 12 हो गई। आंकड़ों में अब तक मार्च में पांच ई-बसें पंजीकृत की गई है। अधिकारी के मुताबिक सरकार की ओर से अगस्त 2020 में अपनी ईवी नीति की घोषणा के बाद ई-वाहनों की बिक्री में तेजी आई है।
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जनवरी में 1760 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए जबकि फरवरी में यह आंकड़ा पर 2,383 पहुंच गया। 14 मार्च तक 1745 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पंजीकृत किए गए हैं। इस दौरान 18 ई बसों का पंजीकरण किया गया। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी पर अधिकारियों का कहना है कि इससे पता चलता है कि ई-बाइक और ई-स्कूटर की मांग बढ़ रही है।
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यह जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों को ई वाहनों में स्थांतरित करने के लरृए सकारात्मक संकेत है। अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से चार्जिंग सुविधाओं में बढ़ोतरी के प्रयासों से ई वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है। इस दौरान ई-कारों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।जनवरी में, 147 इलेक्ट्रिक कार पंजीकृत किए गए जबकि फरवरी में यह संख्या बढ़कर 205 हो गई।
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14 मार्च तक 70 इलेक्टर्रक कारों का पंजीकरण किया गया था।जनवरी में केवल एक इलेक्ट्रिक बस का पंजीकरण हुआ जबकि फरवरी में संख्या बढ़कर 12 हो गई। आंकड़ों में अब तक मार्च में पांच ई-बसें पंजीकृत की गई है। अधिकारी के मुताबिक सरकार की ओर से अगस्त 2020 में अपनी ईवी नीति की घोषणा के बाद ई-वाहनों की बिक्री में तेजी आई है।
ई कारों पर अब सब्सिडी नहीं
वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी का प्रावधान है। अधिकारी ने बताया कि ई कारों पर सब्सिडी रोक दी गई है। ईवी नीति के तहत प्रत्येक तीन किलोमीटर पर एक चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी कुल पंजीकृत वाहनों का करीब 5 प्रतिशत था। अधिकारी ने कहा कि शुरुआती ढाई महीने के आंकड़े उत्साहजनक होने के बाद हिस्सेदारी और बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 1,022, फरवरी में 1,172 जबकि मार्च में अब तक 586 ई-रिक्शा पंजीकृत किए गए हैं।
2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी कुल पंजीकृत वाहनों का करीब 5 प्रतिशत था। अधिकारी ने कहा कि शुरुआती ढाई महीने के आंकड़े उत्साहजनक होने के बाद हिस्सेदारी और बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 1,022, फरवरी में 1,172 जबकि मार्च में अब तक 586 ई-रिक्शा पंजीकृत किए गए हैं।