दिल्ली: बेहतर रिटर्न का लालच देकर बुजुर्ग दंपती से ठगे थे पांच करोड़, पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को अपनी फर्म ईकाउंसिलर वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से शिकार बनाया। आरोपियों ने पीड़ितों के दृष्टिहीन होने का फायदा उठाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यहां 80 वर्षीय बुजुर्ग दंपती को निवेश करने पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर 5.24 करोड़ रुपये ठगने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि अंकित ठाकुर (29) और विनोद आर्य (28) ने बुजुर्ग दंपती को अपनी फर्म ईकाउंसिलर वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से शिकार बनाया। यह फर्म वेबसाइट डेवलपमेंट के व्यापार में सक्रिय है। आरोपियों ने पीड़ितों के दृष्टिहीन होने का फायदा उठाया। बुजुर्ग श्रम मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के पद से रिटायर हो चुके हैं। पुलिस ने कहा कि बुजुर्ग दंपती को काफी ज्यादा रिटर्न का लालच देकर उनसे 5.24 करोड़ रुपये ठग लिए। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में एक केस दर्ज किया गया था।
ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने कहा कि पीड़ित दंपती अमेरिका में रह रहे अपने बच्चों के पास जाकर रहना चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपनी अचल संपत्ति को बेचने का फैसला किया था। इसी बीच उनका आरोपियों से संपर्क हुआ। आरोपियों ने उन्हें रुपये अपनी कंपनी में निवेश कर बहुत ज्यादा रिटर्न पाने के लिए काफी आकर्षक योजना बताई। इसके बाद पूरा रुपया दोनों आरोपियों को दे दिया, जिन्होंने वेबसाइट प्रोडक्शन के नाम पर उस धन का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए बोगस बैंक खातों के चैक दे दिए, जो बाउंस हो गए।
सिंह ने कहा कि गहराई से जांच करने पर और प्राप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि कॉलेज ड्रॉपआउट आरोपी कथित कंपनी के निदेशक और मुख्य अधिकारी थे, जहां पीड़ितों ने रुपये जमा कराए थे।