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कालाबाजारी: 36 गुना अधिक दामों पर बेच रहे थे ब्लैक फंगस में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
Mon, 24 May 2021 11:59 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 24 May 2021 11:59 PM IST
सार
पुलिस ने दोनों के पास से एक एमजी हैक्टर गाड़ी, 20 इंजेक्शन और वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी रजनीश का मेडिकल उपकरणों व एंबुलेंस बनाने का बड़ा कारोबार है।
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण जिला के साकेत थाना पुलिस ने ब्लैक फंगस बीमारी में इस्तेमाल होने वाले एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कालाबाजारी में गाजियाबाद के कारोबारी व उसके चालक को गिरफ्तार किया है। दोनों इन इंजेक्शन के बदले 36 गुना अधिक कीमत मांग रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नंदन सोसायटी, राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद निवासी रजनीश श्रीवास्तव (46) और हर्ष विहार, दिल्ली निवासी मुर्तजा खान (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से एक एमजी हैक्टर गाड़ी, 20 इंजेक्शन और वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
आरोपी रजनीश का मेडिकल उपकरणों व एंबुलेंस बनाने का बड़ा कारोबार है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि रविवार को कोविड मरीजों की मदद करने वाले दो छात्र अभिषेक कुमार व रिषभ साकेत थाने पहुंचे।
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दोनों ने बताया कि वह मरीजों की मदद के लिए व्हाट्सएप पर कोविड हेल्पर के नाम से ग्रुप चलाते हैं। यह लोग मरीजों की हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं। रविवार को दोनों ने किसी मरीज के लिए ब्लैक फंगस के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इंजेक्शन एंफोटेरिसिन-बी के लिए कुछ लोगों से ऑन लाइन संपर्क किया।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान नंदन सोसायटी, राजनगर एक्सटेंशन, गाजियाबाद निवासी रजनीश श्रीवास्तव (46) और हर्ष विहार, दिल्ली निवासी मुर्तजा खान (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से एक एमजी हैक्टर गाड़ी, 20 इंजेक्शन और वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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आरोपी रजनीश का मेडिकल उपकरणों व एंबुलेंस बनाने का बड़ा कारोबार है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि रविवार को कोविड मरीजों की मदद करने वाले दो छात्र अभिषेक कुमार व रिषभ साकेत थाने पहुंचे।
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दोनों ने बताया कि वह मरीजों की मदद के लिए व्हाट्सएप पर कोविड हेल्पर के नाम से ग्रुप चलाते हैं। यह लोग मरीजों की हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं। रविवार को दोनों ने किसी मरीज के लिए ब्लैक फंगस के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इंजेक्शन एंफोटेरिसिन-बी के लिए कुछ लोगों से ऑन लाइन संपर्क किया।
आरोपी ने एक इंजेक्शन के बदले 11300 रुपये की मांग की। यह रकम एमआरपी से 36 गुना ज्यादा था। आरोपी ने 20 इंजेक्शन के बदले 2.26 लाख रुपये की मांग की। सौदा होने पर आरोपी ने साकेत मैक्स अस्पताल के पास आने की बात की।
सूचना मिलते ही साकेत थाना पुलिस ने एक टीम का गठन किया। दोपहर करीब दो बजे आरोपी एमजी हैक्टर गाड़ी में सवार होकर वहां पहुंचे। पुलिस की भनक लगते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलसि ने दोनों को दबोच लिया।
आरोपी रजनीश श्रीवास्तव की कार से 20द इंजेक्शन व तीन मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसका मेडिकल उपकरणों का कारोबार है। इसके अलावा वह एंबुलेंस बनाने का भी काम करता है। कोविड के दौरान वह जरूरी दवाईयों की कालाबाजारी कर रहा था।
बरामद इंजेक्शन को उसने लखनऊ में किसी दवाई के कारोबारी से लिया था। दूसरा आरोपी मुर्तजा उसका कार चालक है जो उसके काले धंधों में उसका साथ देता है। आरोपी रजनीश ने टूरिज्म में मास्टर डिग्री किया हुआ है। पुलिस रजनीश और मुर्तजा से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
सूचना मिलते ही साकेत थाना पुलिस ने एक टीम का गठन किया। दोपहर करीब दो बजे आरोपी एमजी हैक्टर गाड़ी में सवार होकर वहां पहुंचे। पुलिस की भनक लगते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलसि ने दोनों को दबोच लिया।
आरोपी रजनीश श्रीवास्तव की कार से 20द इंजेक्शन व तीन मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसका मेडिकल उपकरणों का कारोबार है। इसके अलावा वह एंबुलेंस बनाने का भी काम करता है। कोविड के दौरान वह जरूरी दवाईयों की कालाबाजारी कर रहा था।
बरामद इंजेक्शन को उसने लखनऊ में किसी दवाई के कारोबारी से लिया था। दूसरा आरोपी मुर्तजा उसका कार चालक है जो उसके काले धंधों में उसका साथ देता है। आरोपी रजनीश ने टूरिज्म में मास्टर डिग्री किया हुआ है। पुलिस रजनीश और मुर्तजा से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।