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संक्रमण बढ़ा, रिकॉर्ड स्तर पर जांच भी

Sun, 04 Apr 2021 01:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 01:20 AM IST
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Transition increased, test at record level too
नई दिल्ली। राजधानी में कोरोना की वर्तमान स्थिति को सरकार चौथी लहर घोषित कर चुकी है। दैनिक मामलों का तेजी से बढ़ना इसका अहम कारण माना गया है। संक्रमित भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर जांच भी की जा रही है। रोजाना औसतन 80 हजार लोगों के टेस्ट किए जा रहे हैं। चौथी लहर में भी संक्रमण दर 5 फीसदी से कम है। इस हिसाब से देखें तो दिल्ली में केस भले ही बढ़ रहे हैं, लेकिन पहले की तीन लहर के मुकाबले काफी कम संक्रमित मिल रहे हैं। जांच का दायरा भी रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ रहा है।
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दिल्ली में पिछली तीन लहर के दौरान संक्रमण दर 30 फीसदी तक पहुंची थी। यानी, 100 लोगों की जांच में 30 संक्रमित मिल रहे थे, लेकिन अब प्रतिदिन औसतन 80 हजार टेस्ट करने पर भी 4 हजार से कम मामले आ रहे हैं और संक्रमण दर 4.50 फीसदी है। यानी, अब 100 जांच पर 5 ही संक्रमित मिल रहे हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें तो जिस अनुपात में जांच बढ़ी है, उस तरह मामले नहीं बढ़े हैं। पिछले एक माह में 23 लाख 64 हजार लोगों के टेस्ट किए गए हैं। रोजाना औसतन 80 हजार जांच की जा रही हैं। फरवरी में यह आंकड़ा 62 हजार और जनवरी में 60 हजार था। संक्रमण की जून में आई पहली लहर के समय में जांच 22 हजार, सितंबर की दूसरी लहर 50 हजार और नवंबर की तीसरी लहर में 52 हजार था। यानी, सरकार लगातार जांच बढ़ाती जा रही है। लिहाजा, संक्रमितों की संख्या में मामूली ही इजाफा हुआ है।
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65 फीसदी से ज्यादा आरटीपीसीआर टेस्ट
राजधानी में पिछले एक माह में हुई करीब 24 लाख जांच में से 14 लाख आरटीपीसीआर प्रणाली से की गई हैं, जो करीब 65 फीसदी है। केंद्र सरकार की ओर से जारी 60 फीसदी से अधिक आरटीपीसीआर जांच करने के निर्देशों का पूरा पालन किया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमितों की सही पहचान के लिए गोल्डन जांच ही सबसे बेहतर विकल्प है। सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि कोरोना को काबू करने के लिए यह काफी अच्छा कदम है। जांच जितनी ज्यादा होगी, उतनी जल्दी ही संक्रमितों की पहचान हो सकेगी और संक्रमण को काबू किया जा सकेगा।
इस प्रकार बढ़ी जांच
माह प्रतिदिन औसतन जांच (हजार में)
जून 22
सितंबर 50
नवंबर 52
जनवरी 60
फरवरी 62
मार्च 80
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं।
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