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किराए पर कोठी लेकर लिया 6.70 करोड़ का कर्ज
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नई दिल्ली। आनंद विहार स्थित सूरजमल विहार में बदमाशों ने एक कोठी को किराए पर लेकर उस पर करोड़ों का लोन ले लिया। आरोपियों ने कोठी के फर्जी पेपर तैयार करवाने के बाद तीन अलग-अलग बैंकों से 6.70 करोड़ कर्ज लिया। इसके बाद वह कोठी खाली कर चले गए। कोठी के मालिक के पास जब बैंक का नोटिस आया तो उनको ठगी का पता चला। मामले की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा से की गई। पुलिस ने छानबीन के बाद मंगलवार को आरोपी सचिन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जबकि राहुल शर्मा की तलाश की जा रही है। ठगी करने वाले तीसरे आरोपी की 2015 में ही मौत हो गई थी।
आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि पीड़ित ने अपनी डी-117 सूरजमल विहार स्थित कोठी किराए पर दी थी। इसके लिए मकान मालिक ने राहुल शर्मा, सचिन व मांगे राम शर्मा के नाम पर रेंट एग्रमेंट बनाया था। आरोपी 9 अप्रैल 2014 से नौ फरवरी 2016 तक वहां रहे। जुलाई 2016 में मकान मालिक के पास एक बैंक का नोटिस आया। बैंक की ओर से बताया गया कि राहुल शर्मा ने कोठी को गिरवी रखकर 2.25 करोड़ का लोन लिया है। इसी तरह 2.19 और 2.25 करोड़ के दूसरे बैंक के लोन का भी पता चला। आरोपियों ने कुल 6.70 करोड़ का लोन लिया हुआ था। वारदात के बाद से आरोपी फरार थे।
आर्थिक अपराध शाखा ने इस संबंध में 30 मार्च 2017 को मामला दर्ज कर तीनों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने कोठी के फर्जी पेपर की तीन कॉपी तैयार कर कर्ज लिया था। वारदात के लिए पहले मकान मालकीन रीता बब्बर का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाया गया। इसके बाद प्रॉपर्टी को अपने नाम पर बेचने के फर्जी कागजात तैयार कर ठगी को अंजाम दिया गया। छानबीन हुई तो पता चला कि 2015 में मांगे राम की मौत हो गई थी। उसके नाम पर आए कर्ज की रकम को सचिन ने निकाला है। पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी राहुल की तलाश की जा रही है।
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आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओपी मिश्रा ने बताया कि पीड़ित ने अपनी डी-117 सूरजमल विहार स्थित कोठी किराए पर दी थी। इसके लिए मकान मालिक ने राहुल शर्मा, सचिन व मांगे राम शर्मा के नाम पर रेंट एग्रमेंट बनाया था। आरोपी 9 अप्रैल 2014 से नौ फरवरी 2016 तक वहां रहे। जुलाई 2016 में मकान मालिक के पास एक बैंक का नोटिस आया। बैंक की ओर से बताया गया कि राहुल शर्मा ने कोठी को गिरवी रखकर 2.25 करोड़ का लोन लिया है। इसी तरह 2.19 और 2.25 करोड़ के दूसरे बैंक के लोन का भी पता चला। आरोपियों ने कुल 6.70 करोड़ का लोन लिया हुआ था। वारदात के बाद से आरोपी फरार थे।
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आर्थिक अपराध शाखा ने इस संबंध में 30 मार्च 2017 को मामला दर्ज कर तीनों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपियों ने कोठी के फर्जी पेपर की तीन कॉपी तैयार कर कर्ज लिया था। वारदात के लिए पहले मकान मालकीन रीता बब्बर का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाया गया। इसके बाद प्रॉपर्टी को अपने नाम पर बेचने के फर्जी कागजात तैयार कर ठगी को अंजाम दिया गया। छानबीन हुई तो पता चला कि 2015 में मांगे राम की मौत हो गई थी। उसके नाम पर आए कर्ज की रकम को सचिन ने निकाला है। पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपी राहुल की तलाश की जा रही है।
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