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चार दिन में शुरू हो जाएगा तिहाड़ का ऑक्सीजन संयंत्र
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नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में स्थापित ऑक्सीजन संयंत्र चार दिन में शुरू हो जाएगा। यहां से दिल्ली के सभी जेल अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक आठ जनवरी तक सभी जेलों में 34 कैदी कोरोना संक्रमित हुए। इनमें 19 तिहाड़ और 15 मंडोली जेल के हैं। संक्रमित हुए 40 कर्मचारियों में 25 तिहाड़ जेल, 11 रोहिणी और चार मंडोली जेल के हैं।
जेल अधिकारियों ने बताया कि तिहाड़, मंडोली और रोहिणी जेल परिसर में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। तिहाड़ में जेल बैरक नंबर एक से नौ, रोहिणी में बैरक नंबर 10 और मंडोली जेल में बैरक नंबर 11 से 16 तक हैं। तिहाड़ में 120 बिस्तरों वाले अस्पताल और मंडोली में 48 बिस्तरों की सुविधा वाले अस्पताल हैं। यहां 50 ऑक्सीजन कंसंटेटर और 100 से ज्यादा सिलेंडर और जरूरी दवाएं उपलब्ध है। सभी को कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में बदल दिया गया है। संक्रमित कैदी की हालत गंभीर होने पर उसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल, लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल या दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भेज दिया जाता है।
जेल निदेशक संदीप गोयल ने कहा कि बुजुर्ग कैदियों के लिए एक अलग बैरक बनेगी। इन कैदियों के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की रोजाना जांच की जाती है। नए कैदियों को रैपिड-एंटीजन टेस्ट होने के बाद उन्हें 10 दिन तक अलग रखा जाता है।
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जेल अधिकारियों ने बताया कि तिहाड़, मंडोली और रोहिणी जेल परिसर में आइसोलेशन सेंटर बनाए गए हैं। तिहाड़ में जेल बैरक नंबर एक से नौ, रोहिणी में बैरक नंबर 10 और मंडोली जेल में बैरक नंबर 11 से 16 तक हैं। तिहाड़ में 120 बिस्तरों वाले अस्पताल और मंडोली में 48 बिस्तरों की सुविधा वाले अस्पताल हैं। यहां 50 ऑक्सीजन कंसंटेटर और 100 से ज्यादा सिलेंडर और जरूरी दवाएं उपलब्ध है। सभी को कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में बदल दिया गया है। संक्रमित कैदी की हालत गंभीर होने पर उसे गुरु तेग बहादुर अस्पताल, लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल या दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भेज दिया जाता है।
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जेल निदेशक संदीप गोयल ने कहा कि बुजुर्ग कैदियों के लिए एक अलग बैरक बनेगी। इन कैदियों के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की रोजाना जांच की जाती है। नए कैदियों को रैपिड-एंटीजन टेस्ट होने के बाद उन्हें 10 दिन तक अलग रखा जाता है।
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