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तिहाड़ में ऐसा कोई जैमर नहीं जो 4 जी सिग्नल को ब्लॅाक कर सके
Mon, 15 Mar 2021 07:21 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Mon, 15 Mar 2021 07:21 AM IST
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तिहाड़ जेल
- फोटो : ANI
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तिहाड़ जेल देश की सबसे बड़ी जेल है। इस जेल में लगे जैमर 4 जी सिग्नल को रोकने में सक्षम नहीं हैं। पिछले हफ्ते, तिहाड़ की जेल नंबर 8 में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के तहसीन अख्तर के पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए गए थे, जिनमें से एक फोन से कथित तौर पर एक संदेश भेजा गया था जिसमें मुकेश अंबानी के घर के पास पाए गए विस्फोटकों की लिए जिम्मेदारी ली गई थी।
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केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को फोन ऐप टेलीग्राम पर एक चैट से ये कुछ जानकारी प्राप्त हुई थी, प्राप्त जानकारी के अनुसार खुद को जैश-उल-हिंद कहने वाले एक आतंकी समूह ने अंबानी के घर के बाहर विस्फोटक से लदी कार लगाने की जिम्मेदारी ली थी। इस टेलीग्राम समूह को दिल्ली की तिहाड़ जेल के अंदर बनाया गया था।
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सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने गुरुवार रात तिहाड़ जेल 8 के अंदर छापा मारा और दो फोन जब्त किए। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अख्तर ने 26 फरवरी को टेलीग्राम पर जैश-उल-हिंद - समूह बनाया और महिंद्रा स्कॉर्पियो कार में विस्फोटकों से लदी एक विस्फोटक को रखने की जिम्मेदारी ली।
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कुछ जेल अधिकारियों का कहना है कि परिसर में 100-120 सेल फोन जैमर की जरूरत है जो जेल परिसर के भीतर 4 जी सिग्नल को ब्लॉक करने में सक्षम हों। इस समय परिसर में 45 से भी कम जैमर हैं और ये जैमर सिर्फ 3जी सिग्नल को ब्लॅाक करने में सक्षम हैं। एक जेल अधिकारी का कहना है कि इस बात का फायदा उठाते हुए कैदियों ने 4 जी इंटरनेट का उपयोग किया।