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भारत में बैठे ठग यूके के नागरिकों के साथ कर रहे थे ठगी, जीजा-साले गिरफ्तार
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नई दिल्ली। दिल्ली में बैठे जीजा-साले मिलकर युनाइटेड किंग्डम (यूके) के नागरिकों के साथ ठगी कर रहे थे। आरोपियों ने प्रसाद नगर स्थित राजेंद्र पैलेस में फर्जी कॉल सेंटर खोला था। कॉल सेंटर में काम करने वाले 19 कर्मचारी खुद को यूके के टैक्स डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर वहां के निवासियों से बकाए टैक्स की रकम अपने खातों में ट्रांसफर कराते थे। मंगलवार को पकड़े गए आरोपी की पहचान परविंदर सिंह (36) और जीजा पंकज कपूर (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 19.64 लाख रुपये, 32 लैपटॉप, 24 राउटर, मॉडम समेत भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस ने कॉल सेंटर में काम करने वाले 19 युवाओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि प्रसाद नगर थाना पुलिस को गगनदीप बिल्डिंग, राजेंद्र पैलेस में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली। मंगलवार को टीम बनाकर बिल्डिंग की छठी मंजिल पर छापा मारा। मौके पर आधुनिक कॉल सेंटर बना हुआ था। जहां 13 युवक और 6 युवतियां लैपटॉप पर इंटरनेट कॉलिंग के जरिये यूके निवासियों से बातचीत कर रहे थे। वहीं कॉल सेंटर मालिक परविंदर भी मौजूद था था। जांच में पता चला कि कपूर टूर एंड ट्रैवल के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने परविंदर व बाकी सभी 19 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में परविंदर ने बताया कि वह जीजा पंकज कपूर के साथ मिलकर विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करता है। दोनों ने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म और वेबसाइट से विदेशी नागरिकों के डाटा चोरी किए थे। उनके मोबाइल नंबर भी जुटाए थे। डेढ़ वर्ष पहले परविंदर ने अपने जीजा के साथ मिलकर कॉल सेंटर शुरू किया था। इसके बाद आरोपी ठगी करने लगे। पुलिस ने बाद में पंकज को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों के साथी सौरभ की तलाश कर रह है।
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यू-ट्यूब से सीखा ठगी का तरीका
डीयू से बीकॉम पास कर चुका परिवार समेत पीतमपुरा में रहता था। करीब दो वर्ष पहले उसने यूके में ठगी की वारदात का एक वीडियो देखा था। जिसके बाद यू-ट्यूब पर लगातार अलग-अलग वीडियो देखकर ठगी के तरीकों की जानकारी हासिल की। उसने अपने जीजा पंकज के साथ मिलकर दिल्ली में ही बैठकर विदेशियों से ठगी करने की साजिश रची। गगनदीप बिल्डिंग में बिना अनुमति के फर्जी कॉल सेंटर खोला। लाखों रुपये लगाकर लैपटॉप व अन्य सामान जुटाया। कॉल सेंटर में शुरू में परविंदर ने सभी को क्या काम करना है और कैसे काम करना है इसकी ट्रेनिंग दी। विदेशियों का डाटा चोरी करने के बाद आरोपी उनको इंटरनेट से कॉल करते थे। टैक्स भरने के नाम पर उनकी रकम को अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया जाता था।
हवाला और वर्चुअल अकाउंट के जरिये मंगाते थे पैसे
पूछताछ में परविंदर ने बताया कि ठगी का पैसा वर्चुअल अकाउंट व हवाला के जरिये मंगाया जाता था। टैक्स भरवाने के नाम पर आरोपियों ने paxful.com नामक वेबसाइट पर फर्जी वर्चुअल अकाउंट बनाया हुआ था। पीड़ितों से अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराए जाते थे। बाद में उनको एक प्रक्रिया के बाद अपने खातों में ट्रांसफर किया जाता था। सौरभ नामक इनका तीसरा साथी यूके से ठगी की रकम वहां के खातों से निकलवाकर हवाला के जरिये भारत मंगवाता था। इसके बाद रकम आपस में बांट ली जाती थी। कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के-लड़कियों को मोटी सैलरी दी जाती थी। पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है।
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मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि प्रसाद नगर थाना पुलिस को गगनदीप बिल्डिंग, राजेंद्र पैलेस में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली। मंगलवार को टीम बनाकर बिल्डिंग की छठी मंजिल पर छापा मारा। मौके पर आधुनिक कॉल सेंटर बना हुआ था। जहां 13 युवक और 6 युवतियां लैपटॉप पर इंटरनेट कॉलिंग के जरिये यूके निवासियों से बातचीत कर रहे थे। वहीं कॉल सेंटर मालिक परविंदर भी मौजूद था था। जांच में पता चला कि कपूर टूर एंड ट्रैवल के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। पुलिस ने परविंदर व बाकी सभी 19 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया।
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पूछताछ में परविंदर ने बताया कि वह जीजा पंकज कपूर के साथ मिलकर विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करता है। दोनों ने अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म और वेबसाइट से विदेशी नागरिकों के डाटा चोरी किए थे। उनके मोबाइल नंबर भी जुटाए थे। डेढ़ वर्ष पहले परविंदर ने अपने जीजा के साथ मिलकर कॉल सेंटर शुरू किया था। इसके बाद आरोपी ठगी करने लगे। पुलिस ने बाद में पंकज को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दोनों के साथी सौरभ की तलाश कर रह है।
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यू-ट्यूब से सीखा ठगी का तरीका
डीयू से बीकॉम पास कर चुका परिवार समेत पीतमपुरा में रहता था। करीब दो वर्ष पहले उसने यूके में ठगी की वारदात का एक वीडियो देखा था। जिसके बाद यू-ट्यूब पर लगातार अलग-अलग वीडियो देखकर ठगी के तरीकों की जानकारी हासिल की। उसने अपने जीजा पंकज के साथ मिलकर दिल्ली में ही बैठकर विदेशियों से ठगी करने की साजिश रची। गगनदीप बिल्डिंग में बिना अनुमति के फर्जी कॉल सेंटर खोला। लाखों रुपये लगाकर लैपटॉप व अन्य सामान जुटाया। कॉल सेंटर में शुरू में परविंदर ने सभी को क्या काम करना है और कैसे काम करना है इसकी ट्रेनिंग दी। विदेशियों का डाटा चोरी करने के बाद आरोपी उनको इंटरनेट से कॉल करते थे। टैक्स भरने के नाम पर उनकी रकम को अपने खातों में ट्रांसफर करा लिया जाता था।
हवाला और वर्चुअल अकाउंट के जरिये मंगाते थे पैसे
पूछताछ में परविंदर ने बताया कि ठगी का पैसा वर्चुअल अकाउंट व हवाला के जरिये मंगाया जाता था। टैक्स भरवाने के नाम पर आरोपियों ने paxful.com नामक वेबसाइट पर फर्जी वर्चुअल अकाउंट बनाया हुआ था। पीड़ितों से अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराए जाते थे। बाद में उनको एक प्रक्रिया के बाद अपने खातों में ट्रांसफर किया जाता था। सौरभ नामक इनका तीसरा साथी यूके से ठगी की रकम वहां के खातों से निकलवाकर हवाला के जरिये भारत मंगवाता था। इसके बाद रकम आपस में बांट ली जाती थी। कॉल सेंटर में काम करने वाले लड़के-लड़कियों को मोटी सैलरी दी जाती थी। पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों के साथ ठगी की है।