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Delhi News: लापरवाह जोखिम में निवेश करने वाले मासूम नहीं, जुआरी हैं- हाईकोर्ट

Wed, 20 Aug 2025 06:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 20 Aug 2025 06:57 PM IST
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Those who invest in reckless risk are not innocents, they are gamblers- High Court
2016 में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ के निवेश पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दी गई थी गारंटी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में कहा कि अत्यधिक लालच और असामान्य रूप से उच्च रिटर्न की उम्मीद में निवेश करने वाले लोग आपराधिक परिणामों का सामना कर सकते हैं। अदालत ने कहा, जब आप इतने असामान्य रिटर्न के लिए बिना गारंटी के ऋण देते हैं, तो क्या आप वास्तव में एक मासूम निवेशक हैं? शायद नहीं, बल्कि आप एक जुआरी हैं। हर जुआरी को खेल का नियम पता होता है, जीतने पर आप खुश होते हैं, हारने पर आपको कीमत चुकानी पड़ती है। आप जंगली वादों पर पैसा लगाकर और हारने पर कानून के पास पीड़ित बनकर नहीं जा सकते।

न्यायमूर्ति अरुण मोंगा ने मामले की सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि क्या अदालतें लापरवाह जोखिम लेने वालों के लिए आश्रय स्थल बन सकती हैं। यह मामला 2016 में दर्ज एक धोखाधड़ी के मामले से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ रुपये के निवेश पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की गारंटी दी गई थी। हालांकि, न तो वादा किया गया ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि वापस की गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज की गई। कोर्ट ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करार देते हुए इसे रद्द कर दिया। कोर्ट ने शिकायतकर्ता की लापरवाही पर सवाल उठाए, जो अवास्तविक रिटर्न के लालच में जोखिम भरे निवेश में फंस गया और बाद में कानूनी मदद मांगने लगा। कोर्ट ने कहा, क्या ये निवेशक वास्तव में उतने भोले हैं, जितना वे दावा करते हैं? शायद नहीं। यह मासूमियत का एक मुखौटा हो सकता है, जो असंभव रिटर्न जैसे 24% वार्षिक या 2% मासिक की उम्मीद में निवेश करने के बाद नुकसान होने पर शिकायत करते हैं।
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आसान पैसा एक जाल, आप हो सकते हैं अगले शिकार
दिल्ली पुलिस की अधूरी जांच पर भी कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि छह साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई, जो यह दर्शाता है कि या तो सबूतों की कमी है या कृत्रिम रूप से सबूत बनाए जा रहे हैं। कोर्ट ने जांच एजेंसी की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि यह बेकार मुकदमेबाजी को रोकने के लिए एफआईआर को रद्द करने का आधार है। कोर्ट ने निवेशकों को चेतावनी दी कि आसान पैसे के लुभावने ऑफर एक जाल हैं। न्यायमूर्ति मोंगा ने कहा कि हर उस व्यक्ति के लिए जो जल्दी अमीर बनने का सपना देखता है, यह एक चेतावनी है। आसान पैसा एक जाल है। अगर रिटर्न अविश्वसनीय लगता है, तो यह मान लें आप अगले शिकार हैं।
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